राजनीति
भारत की ‘सफलता गाथा’ को ‘वर्ल्ड एनर्जी आउटलुक 2018’ में मिली जगह- आई ई ए ने बिजलीकरण को सराहा

दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के अंतर्गत हर गाँव में बिजली पहुँचाने की सराहना अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा अधिकरण (आई ई ए) ने की है। आई ई ए ने कहा कि इस प्रकार के प्रयास से उत्पादन को बढ़त और नवाचार को प्रेरणा मिली है जिससे आर्थिक कल्याण हुआ है। संस्था ने यह भी कहा कि उज्ज्वला योजना के अंतर्गत स्वच्छ ईंधन मिलने से प्रदूषण के कारण होने वाली समयपूर्व मौतों में कमी आएगी। यह टिप्पणियाँ ‘वर्ल्ड एनर्जी आउटलुक 2018’ रिपोर्ट में की गई हैं।

आई ई ए के कथन के अनुसार भारत की इस उपलब्धि का अर्थ है कि विश्व भर में बिजली से वंचित लोगों की संख्या अब सौ करोड़ से कम हो गई है। इसने विशेषकर कहा, “2018 की सफलता गाथाओं में सबसे बड़ी उपलब्धि भारत के सभी गाँवों में बिजली का पहुँचना है।” हालाँकि इसने चेताया है कि इतनी विविधता वाले देश में हर घर तक बिजली पहुँचाना एक चुनौती होगी।

पी डब्ल्यू सी के साथी कामेश्वर राव ने बताया कि हर घर में बिजली पहुँचाने का काम चुनौतीपूर्ण है क्योंकि बहुत लोग बिजली का मूल्य चुकाने में खुद को असमर्थ पाते हैं और भारत की जनसंख्या भी बहुत है। उन्होंने कहा कि आखिरी 10-15 प्रतिशत जनसंख्या तक बिजली पहुँचाने का काम बहुत कठिन था और उसके लिए एक दृढ़ राजनीतिक संकल्प की आवश्यकता थी। डाटा के अनुसार 95 प्रतिशत घरों में बिजली पहुँच चुकी है, जहाँ यह आँकड़ा 2017 में 86 प्रतिशत का था।

भारत ने 28 अप्रिल को 100 प्रतिशत गाँवों तक बिजली पहुँचा दी थी जहाँ मनीपुर का लेइसांग बिजली पाने वाला आखिरी गाँव था।