राजनीति / विचार
मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अभूतपूर्व पहल, जजों को नहीं मिलेगी कार्य दिवस पर छुट्टी
मुख्य न्यायाीश रंजन गोगोई

भारत के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने अनिर्णीत मुकदमों की अथाह संख्या को देखते हुए घोषणा की है कि कोर्ट के कार्य दिवसों के दौरान कोई भी न्यायाधीश छुट्टी नहीं ले सकता है। पूरे देश में तीन करोड़ से ज़्यादा मुकदमे विचाराधीन हैं। उन्होंने उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों से उन न्यायाधीशों की सूचना माँगी है जो इन नए नियमों का पालन करने में असमर्थ पाए जाएँगे। सर्वोच्च न्यायालय उन लोगों से निपटेगा जो नए नियम का पालन नहीं करेंगे, टाइम्स ऑउ इंडिया ने रिपोर्ट किया।

उन्होंने सख्त निर्देश दिए हैं कि केवल आपातकालीन स्थिति में न्यायाधीशों को छुट्टी लेने का अधिकार है और समारोहों एवं सम्मेलनों में उपस्थिति दर्ज कराने के लिए वे कार्य दिवसों का उपयोग नहीं कर सकते हैं। यदि कोई एल.टी.सी. का उपयोग करना चाहता है तो उसे पूर्व में ही सूचित करना होगा।

रिक्त पदों पर जल्द ही नियुक्ति की जाएगी और सर्वोच्च न्यायालयों से निर्देशों के बाद अधीनस्थ न्यायालयों की दैनिक गतिविधियों का अवलोकन किया जाएगा। अभी उनकी टीम इस बात पर विचार कर रही है कि मुकदमों के निवारण तंत्र की कैसे सुनियोजित स्थापना की जाए।

मुख्य न्यायाधीश गोगोई ने कहा कि जो आपराधिक मुकदमे पाँच वर्षों से अधिक समय से लंबित हैं उन्हें एक सुनवाई के बाद जल्द से जल्द निर्णय तक पहुँचाया जाएगा।