राजनीति
बिहार- एग्जिट पोल में एनडीए और महागठबंधन को पूर्ण बहुमत नहीं पर कांटे की टक्कर

बिहार विधानसभा चुनाव के आखिरी और तीसरे चरण का मतदान शनिवार (7 नवंबर) को खत्म होते ही कई चैनलों और एजेंसियों ने एग्जिट पोल सामने रखने शुरू कर दिए हैं। अभी तक के एग्जिट पोल में किसी को भी पूर्ण बहुमत हासिल होता नहीं दिख रहा है। एनडीए और महागठबंधन में कांटे की टक्कर बताई जा रही है।

इंडिया टुडे एक्सिस-माई-इंडिया के एग्जिट पोल में मुख्यमंत्री के रूप में बिहार के 44 प्रतिशत लोगों ने तेजस्वी यादव को पसंद किया है। नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री बनने के लिए 35 प्रतिशत लोगों ने हामी भरी है। बिहार में 42 प्रतिशत लोगों ने विकास के मुद्दे और 30 प्रतिशत लोगों ने बेरोजगारी के नाम पर वोट दिया है।

टुडेज चंक्या के सर्वे में 63 प्रतिशत लोगों ने कहा कि वह राज्य में सरकार बदलना चाहते हैं। वोट देने में 35 प्रतिशत लोगों ने बेरोजगारी को बड़ा मुद्दा माना है। 19 प्रतिशत की नज़र में भ्रष्टाचार बड़ा मुद्दा रहा है। 34 प्रतिशत के लिए अन्य मुद्दे रहे हैं।

रिपब्लिक भारत-जन की बात के सर्वे में महागठबंधन 118 से लेकर 138 सीटें जीत सकता है। एनडीए के लिए 91 से 117 सीटों के मिलने का अनुमान लगाया जा रहा है। लोजपा को 5 से 8 और अन्य को 3 से 6 सीटें मिलने का अनुमान है।

टाइम्स नाउ न्यूज़- सी वोटर ने एनडीए के खाते में 116 सीटें आने की संभावना जताई है। महागठबंधन के 120 सीटों पर जीत हासिल करने का अनुमान लगाया है। भास्कर के एग्जिट पोल में एनडीए 120 से 127 सीटें और महागठबंधन 71 से 81 सीटें जीत रहा है। लोजपा के खाते में 12 से 23 और अन्य के खाते में 19 से 27 सीटें बताई जा रही हैं।

एग्जिट पोल के सर्वे की बड़ी बात ये है कि बिहार में किसी को भी पूर्ण बहुमत मिलने की बात नहीं की जा रही है। महागठबंधन के एनडीए से ज्यादा सीटें जीतने का अनुमान लगाया जा रहा है। साथ ही त्रिशंकु सरकार बनने की संभावना जताई जा रही है। अनुमान लगाया जा रहा है कि इस बार लोजपा किसी भी पार्टी को राज्य का कर्ता-धरता बनाने में बड़ी भूमिका निभा सकती है।

बता दें कि शनिवार को सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक 78 सीटों पर वोटिंग हुई। अब लोगों की नजर 10 नवंबर से शुरू होने वाली मतगणना पर है, जो 243 सीटों के लिए होनी है।