राजनीति
मुस्लिम याचिकाकर्ता का राम मंदिर के लिए कानून को समर्थन, अयोध्या में 25 नवंबर को विशाल धर्म सभा

स्वर्गीय हाशिम अंसारी के बेटे इक़बाल अंसारी जो अयोध्या विवाद पर याचिका दर्ज करने वाले पहले व्यक्ति थे, ने कहा है कि अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिए वे सरकार के किसी भी प्रकार के फैसले का समर्थन करेंगे। 25 नवंबर को अयोध्या में आयोजित होने वाली ‘धर्म सभा’ की तैयारियों के बीच यह बात सामने आई है।

“अगर सरकार राम मंदिर के लिए कानून लाना चाहती है, मुझे इससे कोई आपत्ति नहीं है। मुझे भाजपा सरकार से कोई परेशानी नहीं हैं, असल में मैं तो उनके काम से खुश हूँ। लेकिन हाँ, मुझे उन राजनेताओं से परेशानी है जो यहाँ सिर्फ चुनावी लाभ के लिए आते हैं। मामला अभी भी सर्वोच्च न्यायालय में है। राजनेता क्या करेंगे अगर यहाँ उनकी रैली में कुछ दुर्भाग्यपूर्ण हो गया तो?”, अंसारी ने टाइम्स नाउ  से कहा।

शिव सेना, विश्व हिंदू परिषद जैसी अनेकों पार्टियाँ 25 नवंबर को होने वाली धर्म सभा के लिए लगों को एकत्रित करने के लिए सक्रिय हो गई है। इस समय शहर में धार्मिक उत्साह भी शिखर पर है जब ‘चलो अयोध्या संकल्प बाइक रैली’ जैसी गतिविधियाँ हो रही हैं।

शिव सेना प्रमुख उद्धव ठाकरे, जिन्होंने पहले राम मंदिर के निर्माण के लिए कानून लाने की माँग की थी, 24 नवंबर को अयोध्य पहुँच रहे हैं और महंत गोपाल दास की उपस्थिति में 25 नवंबर तक वहाँ रहेंगे। शिव सैनिकों ने अयोध्या और उसके आसपास के क्षेत्रों में होटल भी आरक्षित कर लिए हैं। पार्टी के दूसरे नेता और राज्य सभा सदस्य संजय राउत ने कहा कि मंदिर निर्माण में शिव सैनिकों की भूमिका अहम होगी, जागरण ने रिपोर्ट किया।