राजनीति
फिर एक बार मोदी सरकार? लोकनीति सर्वेक्षण में 2014 से भी अधिक मिला समर्थन

सीएसडीएस-लोकनीति-द हिंदू-तिरंगा टीवी-दैनिक भास्कर के चुनाव पूर्व सर्वेक्षण में पता चला है कि 43 प्रतिशत लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फिर से देश की कमान संभालने के लिए अपना समर्थन दिया है। 2014 के लोकनीति सर्वेक्षण के हिसाब से मोदी को इस बार 7 प्रतिशत ज्यादा समर्थन मिला है।

द हिंदू  की रिपोर्ट के मुताबिक, लोकनीति के मई 2018 के सर्वे में 34 प्रतिशत लोगों ने नरेंद्र मोदी को फिर से अपना प्रधानमंत्री चुनने की इच्छा जताई थी। उस हिसाब से देखें तो मोदी की लोकप्रियता में एक साल में 9 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। सर्वेक्षण में पता चला है कि यह इजाफा मोदी की अगुआई वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के तीन फैसलों बालाकोट एयर स्ट्राइक, सवर्ण आरक्षण और किसान सम्मान जैसी योजनाओं के कारण हुआ है।

पुलवामा हमले के बारे में जानने वाले 46 प्रतिशत लोगों ने एयर स्ट्राइक हमले का समर्थन करते हुए मोदी को चुना। सर्वे में जब यह पूछा गया कि वे किन मुद्दों पर वोट देंगे तो सिर्फ 4 फीसदी ने एयर स्ट्राइक और 3 फीसदी ने ही सवर्ण आरक्षण को मुद्दा बताया है। 33 फीसदी ने विकास, 25 फीसदी ने महंगाई और 20 फीसदी ने बेरोजगारी के मुद्दे पर वोट डालने की बात कही है।

सर्वे में सामने आया है कि राफेल में गड़बड़ी के मुद्दे को उठाने और न्यूनतम आय गारंटी योजना को चुनावी मुद्दा बनाने वाले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को सिर्फ 28 प्रतिशत लोग ही प्रधानमंत्री पद पर देखना चाहते हैं। जिन लोगों को लगता है कि सरकार ने राफेल सौदे में गड़बड़ी की, उनमें से भी 31 प्रतिशत लोग मोदी को ही दूसरा मौका देना चाहते हैं।

अयोध्या विवाद के लिए 43 प्रतिशत लोग चाहते हैं कि सर्वोच्च न्यायालय इसका हल निकाले। 26 प्रतिशत मानते हैं कि मामला मध्यस्थता से निपटाया जाए। 46 प्रतिशत लोगों ने सर्वेक्षण में कहा है कि एनडीए को एक बार फिर मौका मिलना चाहिए, जबकि 36 प्रतिशत लोगों ने कहा कि मोदी सरकार को मौका नहीं मिलना चाहिए।

क्षेत्रीय रुझानों के बीच उत्तर, पूर्व, पश्चिम-मध्य श्रेणियों में लगभग 50 प्रतिशत लोगों ने मोदी को दूसरा कार्यकाल देने का समर्थन किया है। दक्षिण में सिर्फ 30 प्रतिशत ने ही ऐसा किया है।