राजनीति
न्यायाधीश गायकवाड़ आयोग की मराठाओं के सामाजिक-आर्थिक स्तर पर रिपोर्ट- क्या महाराष्ट्र में मिलेगा आरक्षण?

सेवानिवृत्त न्यायाधीश एन जी गायकवाड़ की अध्यक्षता में महाराष्ट्र पिछड़ा वर्ग आयोग ने मराठाओं की आर्थिक व सामाजिक स्थिति पर गुरुवार (15नवंबर) को अपनी रिपोर्ट दे दी है, फ्री प्रेस जर्नल  ने रिपोर्ट किया।

यह रिपोर्ट मुख्य सचिव डी के जैन को जमा की गई है। सूत्रों के अनुसार रिपोर्ट में समुदाय की आरक्षण माँगों का समर्थन करते हुए सुझाव हैं। अगर मराठाओं को 16 प्रतिशत आपत्रण देने की माँग को स्वीकृत कर लिया जाएगा तो वर्तमान में जो आरक्षण 52 प्रतिशत है, वह बढ़कर 68 प्रतिशत हो जाएगा।

एक सरकारी सूत्र ने बताया कि आयोग ने मराठा समुदाय के आर्थिक व शैक्षणिक स्तर पर पिछ़ेपन का पता लगाने के लिए 2 लाख ज्ञापनों का अध्ययन और 45,000 परिवारों का सर्वेक्षण किया। “आयोग ने ऐतिहासिक अभभिलेखों, पुराने निर्णयों, संवैधानिक प्रावधानों व मानव-विज्ञानियों के लेखों का अध्ययन किया। समाजशास्त्री इरावती कर्वे, पुणे के गोखले राजनीतिक व आर्थिक संस्थान व अन्यों से संवाद भी किया गया।”, उन्होंने जोड़ा।

महाराष्ट्र मुख्य सचिव के अनुसार जिन्हें इस फैसले से परेशानी है वे उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर सकते हैं और सरकार इस नियम को तभी लागू करेगी जब कोर्ट इस प्रस्ताव पर रोक नहीं लगाता।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस ने आश्वासन दिया है कि मराठाओं को आरक्षण देने के लिए नवंबर के अंत तक सारी वैधानिक आवश्यकताओं को पूरा किया जाएगा।