राजनीति
निर्वासित बिहारियों और बंगालियों के लिए ममता बनर्जी ने कहा, “बंगाल के द्वार सभी के लिए खुले हैं”

पश्चिम बंगाल के कूचबिहार जिले में एक प्रशासनिक बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि बंगाल के द्वार सभी निर्वासितों के लिए खुले हैं, द न्यू इंडियन एक्सप्रेस  ने बताया।

ममता ने कहा कि बंगाल में सबके लिए जगह है, बंगाल सभी से प्रेम करता है। यह पहली बार है कि ममता हिंदी-भाषियों के समर्थन में आगे आई हैं। कथित तौर पर एक 14-वर्षीय बालिका के एक बिहारी युवक द्वारा बलात्कार के बाद गुजरात से 60,000 बिहारियों को वापस भेजा जा रहा है। दूसरी ओर असम से निकाले जा रहे बंगालियों के लिए भी ममता ने सहानुभूति प्रकट की है और उन्हें बंगाल में बसने का न्यौता दिया है।

ममता बनर्जी ने भाजपा पर साम्प्रदायिक राजनीति का आरोप लगाते हुए कहा है कि वे बंगाल के धर्मनिरपेक्ष इतिहास को नहीं समझते हैं और बँटवारे की राजनीति करना चाहते हैं।

इसके जवाब में भाजपा के राज्य महासचिव सायनतन बसु ने कहा, “दूसरे राज्यों के मामलों में दखल देने से पहले ममता बनर्जी पहले अपने राज्य की कानून व्यवस्था पर ध्यान दें। पश्चिम बंगाल में त्रिणमूल के कार्यकर्ता केवल भाजपा और अन्य पार्टी के लोगों की ही हत्या नहीं कर रहे हैं बल्कि खुद की पार्टी के सदस्यों को भी मार रहे हैं।”