राजनीति
भक्तों के प्रदर्शन के बाद सबरीमाला के राजस्व में 25 करोड़ से अधिक की गिरावट

केरला के सबरीमाला मंदिर में भक्तों के प्रदर्शन के बाद मंदिर के राजस्व को 25 करोड़ से ज़्यादा का नुकसान हुआ है, इंग्लिश मनोरमा  ने रिपोर्ट किया। मंदिर की देखरेख त्रवणकोर देवास्वोम बोर्ड द्वारा की जाती है जो वर्तमान में केरल की कम्युनिस्ट सरकार के अधीन काम कर रहा है।

रिपोर्ट के अनुसार वार्षिक मंडलम-मकरविलक्कू तीर्थ अवधि के शुरुआती 11 दिनों में पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष के राजस्व में 25.46 करोड़ रुपए की कमी आई है। अरवना पायसम की बिक्री को 11.99 करोड़ का सबसे बड़ा नुकसान हुआ है। मंदिर की आय का यह सबसे बड़ा स्रोत है।

मंदिर में चढ़ाई जाने वाली राशि में 6.85 करोड़ रुपए की कमी आई है, अप्पम और कक्षों के राजस्व में क्रमशः 2.45 करोड़ और 50.62 लाख रुपए की कमी आई है। संयोगवश रिपोर्ट में दावा किया गया है कि केरल सरकार ने देवास्वोम बोर्ड को निर्देश दिए थे कि राजस्व आँकड़ों को सार्वजनिक न किया जाए।

भक्तों के आगमन को लेकर रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ज़्यादातर भक्त आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तमिल नाडु जैसे अन्य राज्यों से आए हैं और स्थानीय लोगों ने ज़्यादा रुचि नहीं दिखाई है। कहा जा रहा है कि केरल पुलिस के प्रतिबंधों और क्षेत्र में तनाव के फलस्वरूप ऐसा हो रहा है।

पहले रिपोर्ट किया गया था कि सबरीमाला विवाद के कारण मंदिर के राजस्व में गिरावट आएगी और इसका प्रभाव 1,188 मंदिरों के संचालन पर पड़ेगा।