राजनीति
न्यायिक हस्तक्षेप? सर्वोच्च न्यायालय ने सरकार से 10 दिनों के भीतर माँगी राफेल सौदे पर जानकारी

सर्वोच्च न्यायालय ने माँग की है कि राफेल विमानों के मूल्य निर्धारण का विवरण एक सील बंद लिफ़ाफ़े में 10 दिनों के भीतर इसके समक्ष प्रस्तुत किया जाए, इकोनॉमिक टाइम्स  ने रिपोर्ट किया। न्यायालय ने सरकार से ऐसी सूचना की भी माँग की है जो याचिकाकर्ताओं के साथ सार्वजनिक रूप से साझा की जा सके। न्यायालय ने अगली सुनवाई के लिए 14 नवंबर की तारीख सुनिश्चित की है।

पूर्व केंद्र मंत्री यशवंत सिन्हा और अरुण शौरी की याचिका पर वकील प्रशांत भूषण द्वारा न्यायालय में सुनवाई हो रही थी। उन्होंने मामले में सी.बी.आई. जाँच की भी माँग की है। इस सौदे पर कुल चार याचिकाएँ दर्ज की जा चुकी हैं।

सर्वोच्च न्यायालय ने एक याचिका की सुनवाई पर राफेल सौदे की निर्णय प्रक्रिया के विषय में भी जानकारी माँगी थी। इस याचिका की प्रतिक्रिया में न्यायालय ने 10 अक्टूबर को राफेल सौदे को अस्थाई रूप से निलंबित कर दिया था। उस समय सर्वोच्च न्यायालय ने मूल्य के विषय में जाँच करने से इंकार कर दिया था और केंद्र सरकार को नोटिस जारी करने से भी मना कर दिया। लेकिन हाल ही के निर्देशों में इसने अपनी मुद्रा में बदलाव किया है।