राजनीति
ऐसा रहा हज़ारीबाग से सांसद के रूप में जयंत सिन्हा का कार्यकाल
सालों से हमारे राजनीतिक संभाषण में यह धारणा रही है कि पढ़े-लिखे और व्यवहारिक अनुभव रखने वाले तकनीक-तंत्री व्यक्ति जनता के प्रतिनिधि बनें तो सरकारी कामकाज में मौलिक बदलाव आएगा। 2014 के लोक सभा चुनाव में बहुत नए व्यक्तियों ने अपना भाग्य आज़माया था। उनमें से एक थे जयंत सिन्हा जिन्होंने हज़ारीबाग से चुनाव जीता था।
भारत और अमरीका के श्रेष्ठतम शैक्षणिक संस्थानों के भूतपूर्व छात्र रहे सिन्हा राजनीति के बदलाव की कामना की आशाओं आकांक्षाओं का आदर्श चेहरा हैं। मोदी सरकार में वित्त एवं नागरिक उड्डयन मंत्रालयों में अपनी धाक जमा कर सिन्हा ने यह दिखाया कि अभिशासन केवल राजनेताओं का खेल नहीं है। लेकिन सिन्हा का सबसे बड़ा प्रभाव देखने को मिला उनके स्वयं के लोक सभा क्षेत्र हज़ारीबाग में।
हज़ारीबाग में जयंत सिन्हा ने समग्र विकास की दिशा में प्रयत्न किया और अपने कार्यक्रमों को मोदी सरकार की प्राथमिकताओं के साथ संरेखित भी किया। इस दृष्टिकोण का लाभ यह हुआ कि हज़ारीबाग को केंद्र एवं राज्य सरकारों के बजट आवंटन में पूर्ण सहयोग प्राप्त हुआ।
झारखंड अभी भी देश के पिछड़े राज्यों में से है। मूलभूत सुविधाओं का अभाव झारखंड के विकास में सबसे बड़ा रोड़ा है। इस न्यूनता को सिन्हा ने सबसे पहले दूर करने का प्रयास किया।
अक्षयपात्र के महा रसोईघर से एक लाख बच्चों को मध्यान्ह भोजन की परियोजना बनायी गयी। 20 करोड़ रुपए की लागत से यह रसोईघर निर्मित होगा। रोचक बात यह है कि यह अक्षय पात्र विश्व के सबसे बड़े पाँच रसोईघरों में से एख होगा। हज़ारीबाग के प्रत्येक घर को शुद्ध पेय जल की आपूर्ति करने के लिए भी सिन्हा ने अथक प्रयास किये हैं।
स्वास्थ्य सुविधाओं पर सिन्हा ने विशेष ध्यान दिया है। सिन्हा की सबसे बड़ी उपलब्धि रही हज़ारीबाग में मेडिकल कॉलेज की स्थापना। 885 करोड़ रुपए की लागत से स्वास्थ्य एवं उच्च शिक्षा विभाग के तत्वावधान में इस मेडिकल कॉलेज व अस्पताल की स्थापना की जा रही है। प्रथम चरण में 100 छात्रों के मेडिकल कॉलेज में नामांकन का प्रावधान होगा और अस्पताल 500 बेड का होगा। हज़ारीबाग एवं पलामू के नागरिकों को फिर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए रांची नहीं जाना पड़ेगा। साथ ही सिन्हा के प्रयास से उनके क्षेत्र में नए ब्लड बैंक भी खुले हैं। स्थानीय स्वास्थ्य केंद्रों में नई एक्स-रे मशीनों का भी प्रावधान किया गया है।
शिक्षा के क्षेत्र में हज़ारीबाग में एक और बड़ी योजना बनी है। 200 करोड़ रुपए की लागत से 1200 एकड़ भूमि पर देश के दूसरे भारतीय कृषि संस्थान का निर्माण किया जा रहा है। किसानों के लिए यह संस्थान न केवल शिक्षा की गुणवत्ता सुधरेगा, बल्कि अनुसंधान और विकास के नए कार्यक्रमों का भी अग्रणी केंद्र बनेगा। वैज्ञानिक रूप से प्रदान की गई शिक्षा से किसान न केवल अपनी उपज बढ़ा सकेंगे, अपितु उन्हें अपनी आमदनी बढ़ाने के भी नए अवसर मिलेंगे।
मोदी सरकार ने पूरे देश को जोड़ने पर और शहरों एवं राज्यों के बीच दूरियों को कम करने पर विशेष ध्यान दिया है। हज़ारीबाग को इस मामले में भी बहुत लाभ हुआ है। सिन्हा के नागरिक उड्डयन मंत्री रहते राज्य सरकार ने 200 करोड़ रुपए की लागत से एक नए हवाईअड्डे के निर्माण की योजना बनाई है। हज़ारीबाग को एक नया रिंग रोड भी मिला है। कुल 1275 करोड़ रुपयों की राष्ट्रीय राजमार्ग सड़क परियोजनाओं का लाभ सिन्हा ने अपने क्षेत्र के लिए सुनिश्चित किया है। इनमें से एक प्रमुख योजना है हज़ारीबाग बाई पास जिसकी लगातार सिन्हा समीक्षा कर रहे हैं और जल्द ही इसका उद्घाटन भी होगा। 336 करोड़ रुपए की लागत से बरही और हजारीबाग के बीच एक बड़ा मार्ग बनाया जा रहा है जिससे स्थानीय किसानों, छात्रों, एवं कारखानों को विशेष रूप से लाभ मिलेगा।
झारखंड हमेशा से ही रेल सुविधाओं से वंचित रहा है। 20 फरवरी 2015 को पहली बार हज़ारीबाग से कोडरमा तक पैसेंजर ट्रेन दौड़ी जिसको स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हज़ारीबाग स्टेशन हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। अभी बरकाकाना से रांची रेल खंड का निर्माण तीव्र गति से चल रहा है जिसके बाद रेल मंत्रालय एक्सप्रेस ट्रेन चालू करने पर काम करेगा।
प्रधानमंत्री सौभाग्य योजना के अंतर्गत हज़ारीबाग के सभी गाँव अब विद्युतिकृत हैं। अप्रैल 2019 से सरकार पूरे क्षेत्र को 24 घंटे बिजली देने की व्यवस्था करेगी। 4000 मेगावॉट बिजली उत्पादन के लिये एक नया उत्पादन संयंत्र भी इस क्षेत्र में लगाया जा रहा है। एक लाख बीस हजार से अधिक घरों को अब गैस कनेक्शन एवं चूल्हे वितरित किये गए हैं। हजारीबाग के करीब 60 हज़ार घर जल्द ही पाइप गैस से जुड़ जाएँगे।
इन सभी कार्यक्रमों से आगे बढ़ कर जयंत सिन्हा की विशेष उपलब्धि रही है उन मुद्दों पर काम जो कि मानव विकास सूचकांक से संबंधित हैं। बिजली एवं गैस से जुड़ी परियोजनाओं की वजह से रहवासियों के स्वास्थ्य में सुधार होगा। सड़क, रेल, शिक्षा संस्थानों के निर्माण से क्षेत्र के युवाओं को रोजगार के नवीन अवसर प्राप्त होंगे। करीब 5 लाख नागरिकों को नए राशन कार्ड बना कर दिए गए हैं जिससे उन्हें न्यूनतम मूल्य पर चावल, गेहूँ, और मिट्टी का तेल उपलब्ध होगा। 3 लाख से अधिक शौचालयों के निर्माण के साथ ही हज़ारीबाग खुले में शौच से मुक्त हो चुका है। करीब 5 लाख परिवारों को स्वास्थ्य बीमा का लाभ मिला है। हज़ारीबाग में करीब सवा दो लाख नए बैंक खाते भी खोले गए हैं जिससे सभी लाभार्थियों को सरकारी योजनाओं की समर्थन राशि सीधे अपने बैंक में मिल जाती है। हज़ारीबाग में करीब बीस हज़ार नए घरों का भी निर्माण किया गया है जिससे सभी नागरिकों को रैन बसेरे की प्राप्ति का सपना साकार हो रहा है।
जयंत सिन्हा ने अपनी सांसद निधि से करीब 1100 योजनाओं के क्रियान्वयन में गति लाई है। विगत चार वर्षों में सिन्हा ने करीब 15 हज़ार नागरिक समस्याओं का समाधान अटल सेवा केंद्र के द्वारा किया है। सिन्हा के चलंत कार्यालय की अनूठी पहल दर्शाती है कि किस तरह उद्योग जगत की श्रेष्ठ अवधारणाओं को शासन एवं राज्यकाल में पिरोया जा सकता है।
जयंत सिन्हा जैसे शिक्षित, गुणी, एवं ज़मीन से जुड़े हुए नेताओं को मोदी सरकार में आगे बढ़ने के जो अवसर प्राप्त हुए हैं, वे भारतीय राजनीति में एक सकरात्मक परिवर्तन को दर्शाते हैं। लोक सभा चुनावों में जनता इस परिवर्तन का समर्थन करके देश में संस्थागत एवं रचनात्मक ऊर्जा का संचार कर सकती है।