राजनीति
ट्रू इंडोलॉजी से ट्विटर पर बहस करने वाली कर्नाटक की आईपीएस डी रूपा का स्थानांतरण

दीपावली में चर्चित ट्विटर हैंडल ट्रू इंडोलॉजी से बहस के बाद चर्चा में आईं कर्नाटक की गृह सचिव और महानिरीक्षक स्तर की आईपीएस अधिकारी डी रूपा का गुरुवार (29 दिसंबर) को स्थानांतरण कर दिया गया। इस विवाद के बाद सोशल मीडिया पर उन्हें बहुत ट्रोल किया गया था।

सरकार ने डी रूपा को अब कर्नाटक राज्य हस्तशिल्प विकास निगम लिमिटेड में प्रबंध निदेशक के रूप में नियुक्त किया है।

दीपावली के दौरान रूपा मुदगल ने अपने ट्विटर हैंडल से एक पोस्ट साझा किया था। इसमें उन्होंने लिखा था, “पटाखे भारतीय परंपरा का हिस्सा नहीं हैं। इनका उल्लेख किसी भी ग्रंथ आदि में नहीं मिलता है।” उनके ट्वीट के बाद ट्विटर हैंडल ट्रू इंडोलॉजी ने भी ट्वीट किया, जिस पर दोनों में बहस हो गई। इसके कुछ घंटे बाद ही ट्रू इंडोलॉजी का खाता बंद कर दिया गया।

डी रूपा ने विवाद के बाद ट्रू इंडोलॉजी पर सरकार और एनजीटी के आदेशों की अवहेलना के अलावा देश की जनता को भ्रमित करने, अभद्र भाषा के उपयोग जैसे कई आरोप लगाए। उन्होंने ट्विटर पर लिखा, “बिना किसी नाम या चेहरे के अभद्र भाषा का उपयोग करना, काल्पनिक उत्पीड़न पर पीड़ित बनने का नाटक करना उनका काम है। एक तो चोरी और ऊपर से सीना जोरी, वाह! तथ्यों के साथ अपनी बात रखने वालों को तुम्हारे फॉलोअर ट्रोल करते हैं। अब बस तुम्हार समय समाप्त।”

ट्विटर उपयोगकर्ताओं ने आरोप लगाया था कि आईपीएस अधिकारी ने अपनी शक्तियों का गलत प्रयोग करके ट्रू इंडोलॉजी पेज को निलंबित करवा दिया था। इसके बाद भाजपा नेता कपिल मिश्रा और बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत ने उसका समर्थन कर दिया। कंगना ने कहा, “अयोग्यता और खीज की वजह से यह कदम उठाया गया है। इस लड़ाई में हम साथ हैं।”

कंगना ने ट्वीट किया, “यह वही है, जो आपने (ट्रू इंडोलॉजी) अर्जित किया है। आपको बेरहमी से हटा दिया गया। आपको शक्तिशाली होना चाहिए लेकिन वे आपकी वास्तविक अहमियत को नहीं छीन सकते हैं। हम आपको याद करेंगे। आखिरकार प्यार जीतता है। बुरा या निराश महसूस मत करो। हम एक साथ हैं।” भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने ट्वीट किया, “यह दूसरी बार है, जब सबसे अधिक सूचनाप्रद पेज को बेवजह बंद कर दिया गया।”

कर्नाटक सरकार ने डी रूपा के अलावा अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (प्रशासन) हेमंत निंबालकर सहित छह और आईपीएस अधिकारियों का भी स्थानांतरण किया है। हेमंत को आंतरिक सुरक्षा विभाग में स्थानांतरित कर दिया गया है। डी रूपा और हेमंत निंबालकर करोड़ों रुपये की निर्भया योजना के लिए निविदा प्रक्रिया में अनियमितताओं को लेकर एक विवाद में शामिल रहे हैं।

हेमंत निंबालकर ने आरोप लगाया था कि किसी ने खुद को गृह सचिव बताकर इस योजना के बारे में गोपनीय सूचना हासिल करने की कोशिश की थी। जवाब में डी रूपा ने कहा, “मुझे निविदा प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएँ मिली थीं। मेरा उद्देश्य जनसेवक के तौर पर जनहित और सरकारी धन की सुरक्षा करना था। बतौर गृहसचिव मैं शिकायत करती हूँ कि किसी अन्य व्यक्ति की ओर से अपने आपको गृहसचिव के रूप में पेश करने वाली बात झूठी और व्यक्तिगत भावना से प्रेरित है।”