राजनीति
हरियाणा पहियों पर दौड़ने के लिए अभी तैयार नहीं- हफ्तों से चल रही रोडवेज़ की हड़ताल 4 नवंबर तक जारी

16 अक्टूबर से हरियाणा रोडवेज़ की हड़ताल से राज्य में परिवहन अस्त-व्यस्त है। कुछ बसें सोमवार से संचालित कर दी गई थीं लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि सारी बसें न चलने से इन बसों की आवृत्ति बहुत कम है।

लगभग 19,000 रोडवेज़ के कर्मचारी हड़ताल पर हैं, टाइम्स ऑफ़ इंडिया  ने रिपोर्ट किया। यह हड़ताल राज्य सरकार द्वारा परिवहन सेवा के विस्तार के लिए निजीकरण के विरोध में हैं। भाजपा सरकार ने 720 निजी बस चालकों को प्रति किलोमीटर के आधार पर अनुमति जारी करने का निर्णय लिया है।

इस योजना को कर्मचारी-विरोधी और निजी कंपनियों को फायदा पहुँचाने की दृष्टि से देखा जा रहा है। राज्य के अन्य विभागों के कर्मचारी भी रोडवेज़ के समर्थन में इस हड़ताल में सम्मिलित हो गए हैं।

हरियाणा के मुख्य मंत्री ने मनोहर लाल खत्तर ने कर्मचारियों से काम पर लौट जाने का निवेदन किया है और उन्हें आश्वस्त किया है कि रोडवेज़ का निजीकरण नहीं किया जाएगा। लेकिन कर्मचारी इस आश्वासन से संतुष्ट नहीं हैं और उन्होंने 4 नवंबर तक इस हड़ताल की अवधि बढ़ा दी है।

हरियाणा रोडवेज़ कर्मचारी सहकारी समिति के नेता दलबीर किरमरा ने कहा, “हमारी यह हड़ताल रोडवेज़ के कर्मचारियों का रोजगार सुरक्षित करने के लिए है।”