राजनीति
संघ शाखाओं पर प्रतिबंध? ‘अच्छे हिंदुओं’, ‘जनेउधारियों’ और ‘शिवभक्तों’ की पार्टी कांग्रेस का चुनावी ‘वादा’

कांग्रेस ने ‘वादा’ किया है कि यदि मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनती है तो वह सरकारी प्रांगणों में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शाखाओं और राज्य सरकार के कर्मचारियों द्वारा संघ शाखाओं में प्रतिभाग पर प्रतिबंध लगा देगी। राज्य में पिछले 15 सालों से कांग्रेस सत्ता में नहीं रही है और आने वाले चुनावों के लिए इसने अपना घोषणापत्र जारी कर दिया है।

घोषणापत्र के प्रशासनिक सुधार खंड में कांग्रेस ने लिखा है, “सरकारी प्रांगणों में संघ शाखाओं को अनुमति नहीं मिलेगी और सरकारी निर्देश, जिसके अनुसार सरकारी अधिकारी व कर्मचारी संघ शाखाओं में भाग ले सकते हैं, को भी वापस ले लिया जाएगा।”

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने कांग्रेस की निंदा करते हुए कहा, “इससे एक और बार कांग्रेस का वास्तविक राजनीतिक उद्देश्य उजागर हुआ है जो न तो राम मंदिर बनने देना चाहती है और न ही संघ शाखाओं को चलता देख सकती है। संघ एक राजनीतिक संस्था नहीं है, बल्कि एक सामाजिक और सांस्कृतिक संस्था है जिसके मानवीय कार्य हर जगह देखे जा सकते हैं, जैसा कि हाल ही में केरला बाढ़ के समय भी स्वयंसेवकों का राहत कार्य देखा गया।”

कांग्रेस की इस घोषणा पर इसके तीन नेताओं, पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम, पूर्व मुख्यमंत्री दिह्विजय सिंह और राष्ट्रीय पार्टी प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी, द्वारा भी मोहर लगाई गई।

पात्रा ने कांग्रेस के दोगलेपन पर वार करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में इसके नेता नक्सलवाद को एक क्रांति कहते हैं और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को एक सामाजिक संस्था मानने की बजाय घृणित संगठन कहते हैं। उन्होंने कहा कि 2008 में राहुल गांधी ने अमरीकी राजदूत से कहा था कि देश की आंतरिक सुरक्षा को हिंदू संगठनों से खतरा है और स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ़ इंडिया (सिमि) जैसे कट्टरवादी संगठनों पर प्रतिबंध नहीं लगाया था।

पात्रा ने कांग्रेस के सामुदायिक एजेंडा पर उंगली उठाते हुए कहा कि दिग्विजय सिंह विवादास्पद इस्लामिक उपदेशक ज़ाकिर नाइक का समर्थन उसे ‘शांति का दूत’ कहकर करते थे। पात्रा ने कहा कि कांग्रेस का घोषणापत्र इन गतिविधियों का ही विस्तार है। उन्होंने दीपक बबरिया, जिन्होंने हाल ही में बयान दिया कि कांग्रेस को संघ से अनुशासन सीखना चाहिए, की बात पर भी कांग्रेस से जवाब माँगा।

अपने संकल्प को सही ठहराते हुए कांग्रेस प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, “यह कहीं उल्लेखित नहीं है कि राष्ट्रीस स्वयंसेवक संघ पर प्रतिबंध लगाया जाएगा, हम केवल सरकारी प्रांगणों में संघ की शाखाओं पर प्रतिबंध लगाने की बात कर रहे हैं और सरकारी कर्मचारी इन शाखाओं में प्रतिभाग न कर सकें। हमारा उद्देश्य है कि सरकारी कर्मचारी को देश के संविधान के प्रति प्रतिबद्ध होना चाहिए, न कि किसी विशेष राजनीतिक विचारधारा या संस्था के।”