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सरकार का ‘स्वास्थ्य सुरक्षा’ की ओर एक और कदम- नव स्थापित एम्स को मिला निदेशक का पद

नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल ने छः नव स्थापित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थानों (एम्स) में निदेशक पद की मंज़ूरी दे दी है। यह निदेशक एम्स की उत्तर प्रदेश में रायबरेली और गोरखपुर शाखाओं, पंजाब में भटिंडा, असम में गुवाहाटी, हिमाचल प्रदेश में बिलासपुर और झारखंड के देवघर शाखाओं में नियुक्त किए जाएँगे, टाइम्स ऑफ़ इंडिया  ने रिपोर्ट किया।

औपचारिक कथन में कहा गया कि कैबिनेट ने पद संबंधित सभी विषयों पर निर्णय ले लिया है। “मूल वेतन रु.2,25,000 का होगा और एन.पी.ए. मिलाकर अधिकतम वेतन रु.2,37,500 हो सकता है।”

निदेशक संस्थान का मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सी.ई.ओ.) भी होगा और संस्थान के प्रशासन पर उसका पूरा अधिकार होगा। वह अधिकारियों और कर्मचारियों को कार्य सौंपेगा और संस्थान की दैनिक क्रियाओं पर नज़र रखेगा।

नए एम्स प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत स्थापित किए गए हैं जिससे एक विश्व स्तरीय प्रतिभा पूल  विकसित हो और भारतीयों को एक भरोसेमंद और सस्ती स्वास्थ्य सुविधा मिल सके।

स्वराज्य ने अपनी पूर्व रिपोर्ट में भी बताया था कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंदिर जे.पी.नड्डा ने 22 नए एम्स स्थापित करने की घोषणा की थी। इस कदम के पीछे उद्देश्य है कि ज़्यादा मेडिकल संस्थानों के माध्यम से देश को ज़्यादा चिकित्सक प्राप्त होंगे जिससे सभी की स्वास्थ्य आवश्यकताओं को पूरा किया जा सकेगा।