राजनीति
साक्षात्कार- भाजपा में सम्मिलित हुए जय पांड्या के बीजद से मतभेदों के विषय में

सोमवार (4 मार्च) को भारतीय जनता पार्टी में सम्मिलित हुए पूर्व सांसद बैजयंत जय पांड्या ने स्वराज्य  के पत्रकार अरिहंत पवरिया को दिए साक्षात्कार में बीजू जनता दल छोड़ने के विषय में विस्तार से बताया। जानें क्या कहा उन्होंने-

वे कहते हैं कि बीजद के तीन कार्यकालों के कार्य से वे संतुष्ट थे परंतु चौथे कार्यकाल में तस्वीर बदलना शुरू हो गई। उन्होंने बताया कि नवीन पटनायक असंवैधानिक ढंग से टिकटों व फंड का वितरण कर रहे थे। वे पार्टी में बढ़ते भ्रष्टाचार के विषय में कहते हैं कि ये इसके स्थापना के सिद्धांत के विपरीत था।

जय पांड्या ने बताया कि कठुआ जैसे ओडिशा में पचासों कांड हुए हैं पर वे मीडिया में नहीं आ पाए जबकि सरकारी विज्ञापनों से समाचार पत्र भरे रहते हैं। उन्होंने आंतरिक रूप से इसके विरुद्ध आवाज़ उठाई पर किसी ने उनपर ध्यान नहीं दिया तब सार्वजनिक रूप से उन्होंने बोलना शुरू किया लेकिन उनपर इसके लिए हमला भी हुआ। अपना आत्म-सम्मान बचाए रखने के लिए उन्होंने पार्टी छोड़ दी।

भाजपा से संबंध पर वे कहते हैं कि बीजद का गठन भाजपा की मैत्री पार्टी के रूप में ही हुआ था और कई वर्षों तक वे समान नीतियों का पालन करते रहे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर लाए गए परिवर्तन की भी उन्होंने सराहना की। बीजद की कूटनीति के विषय में वे बताताे हैं कि भाजपा-कांग्रेस एक-दूसरे का विरोध करने में इतना व्यस्त हैं कि कोई बीजद के विरुद्ध खड़ा नहीं है।

पूरा साक्षात्कार यहाँ देखें-