राजनीति
“क्या आप अपने सांसद और विधायक के कामकाज से संतुष्ट हैं?”, नमो ऐप द्वारा मिले फीडबैक

जून 2015 में प्रधानमंत्री ने नरेंद्र मोदी ऐप लॉन्च की थी। इस ऐप के माध्यम से प्रधानमंत्री से आसानी से जुड़ा जा सकता है। ‘मन की बात’ के साथ-साथ सरकार की उपलब्ध्यों और प्रधानमंत्री की दैनिक गतिविधियों की खबर भी इससे मिलती है।

जून 2018 में इस ऐप में एक नई चीज़ जोड़ी गई जिसके माध्यम से आम जनता अपने सासंद और विधायक के बारे में अपने विचारों को प्रधानमंत्री से साझा कर सके। नरेंद्र मोदी ने हर संवैधानिक क्षेत्र में रहने वाले वासियों से अपने प्रतिनिधि के विषय में राय माँगी।

हिंदुस्तान  की एक्सक्लुसिव  रिपोर्ट ने इस फीडबैक के परिणामों को प्रत्यक्ष रखा है। रिपोर्ट के अनुसार नमो ऐप ने 90 सासंदों की पोल खोली है। आम लोगों के साथ-साथ कुछ क्षेत्रों में कार्यकर्ताओं ने भी अपना असंतोष व्यक्त किया है। इनमें से सर्वाधिक सांसद उत्तर प्रदेश के हैं। कुछ केंद्रीय मंत्रियों का नाम भी असंतोष की सूची में सामने आया है।

माना जा रहा है कि इस ऐप की प्रतिक्रियाओं पर भी भाजपा टिकट का बँटवारा तय कर सकती है। इस ऐप के माध्यम से भाजपा के लोकप्रिय नेताओं और सरकार की लोकप्रिय योजनाओं पर भी राय माँगी गई थी।