राजनीति
मध्य प्रदेश सरकार ‘द ऐक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर’ पर लगा सकती है प्रतिबंध

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के कार्यकाल पर आधारित फिल्म के मध्य प्रदेश में रिलीज़ होने पर संदेह की स्थिति बन गई है। मुख्यमंत्री कमल नाथ इस पर राज्य में प्रतिबंध लगाने का विचार कर रहे हैं, न्यूज़ 18  की रिपोर्ट में बताया गया।

यह फिल्म पूर्व प्रधानमंत्री के मीडिया सलाहकार संजय बारु की किताब पर आधारित है तथा इसे कांग्रेस का विरोध झेलना पड़ रहा है। पार्टी के अनुसार इस फिल्म में तथ्यों को बदल कर प्रस्तुत किया गया है।

फिल्म का ट्रेलर गुरुवार (27 दिसंबर) को रिलीज़ किया गया है जिसमें सिंह को पार्टी की अंदरुनी राजनीति से पीड़ित बताया गया है।

कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने फिल्म को भाजपा की झूठी रणनीति का हिस्सा बताते हुए इसे 2019 के पहले भाजपा द्वारा मतदाताओं को आकर्षित करने का तरीका बताया। हालाँकि उन्होंने पार्टी द्वारा इस पर प्रतिबंध लगाने की अफवाहों को नकार दिया।

वहीं कांग्रेस के अन्य खंडों ने इस फिल्म पर प्रतिबंध की माँग के संकेत दिए हैं। महाराष्ट्र युवा कांग्रेस ने कहा, “यदि यह फिल्म हमारे प्रतिनिधियों के समक्ष स्क्रीनिंग के बिना तथा हमारे देखने के बाद हमें लगे आवश्यक बदलाव किए बिना रिलीज़ हुई तो इसका तात्पर्य होगा कि यह जान-बूझकर किया जा रहा है तथा हमारे पास इस फिल्म की स्क्रीनिंग पूरे भारत में रोकने के अन्य विकल्प खुले हैं।”

वहीं भाजपा ने इस फिल्म की प्रशंसा करते हुए कहा, “एक परिवार द्वारा देश को 10 सालों तक गिरवी रखने की यह दिलचस्प कहानी है।”

फिल्म के मुख्य अभिनेता अनुपम खेर ने फिल्म का बचाव किया और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता संबंधित उनका पुराना ट्वीट याद दिलाया।

उन्होंने कहा, “मेरा काम अभिनय करना है तथ फिल्म निर्माताओं का काम फिल्म बनाना। इस फिल्म में उपयोग की गई पूरी जानकारी वर्ष 2014 से ही सार्वजनिक है। यदि किसी को कोई समस्या है तो वे शिकायत कर सकते हैं लेकिन गुंडागिर्दी नहीं होनी चाहिए।”