राजनीति
देव-दर्शन या दहशत? सी पी एम सचिव ने भक्तों की खलिस्तानी आतंकवादियों से की तुलना

कथित तौर पर एक भाजपा परिपत्र में इसके कार्यकर्ताओं को सबरीमाला जाने का निर्देश दिया गया था। इसकी प्रतिक्रिया में सी पी एम सरकार के राज्य सचिव कोडियरी बालाकृष्णन ने यह कहते हुए कि संघ कार्यकर्ता, खलिस्तान आतंकवादियों की तरह हैं एक काउंटर-नेरैटिव चालू किया है, मलयालम मनोरमा  ने रिपोर्ट किया।

“संघ का उद्देश्य प्रत्यक्ष है। वे सबरीमाला पर अपना कब्ज़ा करना चाहते हैं। ये खलिस्तान आतंकवादियों द्वारा उपयोग की हुई रणनीति के जैसा ही है।”, कोडियरी ने कहा। “पहले उन्होंने (खलिस्तान आतंकवादियों) पर कब्ज़ा जमाया था।”, संघ के सबरीमाला जाने की बात से जोड़ते हुए उन्होंने कहा।

जो महिला भक्त विरोध प्रदर्शन करते हुए अन्य महिलाओं को अंदर जाने से रोक रही थीं, उनका उपहास उड़ाते हुए उन्होंने कहा कि संघ इन महिलाओं का इस्तेमाल कर रहा है। उन्होंने कहा कि जैसे आतंकवादी महिलाओं और बच्चों को आड़ बनाते हैं, वैसा ही संघ भी कर रहा है।

उन्होंने पुलिस एक्शन की सराहना करते हुए कहा कि पुलिस अपना कर्त्तव्य निभा रही है और संघ उनके मार्ग का रोड़ बन रहा है

मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने सन्निधानम पर एकत्रित लोगों की आलोचना करते हुए कहा कि संघ मंदिर में तनाव का वातावरण उत्पन्न कर रहा है। केरला से आई कई रिपोर्टों से पता चला है कि विरोध नेतृत्वहीन था और उसका उद्देश्य मात्र अपर्याप्त सुविधाओं और अत्यधिक पुलिस की उपस्थिति के प्रति खेद व्यक्त करना था।

रिपोर्टों के अनुसार अत्यधिक पुलिस की उपस्थिति से भक्तों को असुविधा हुई है और मौखिक रूप से केरला उच्च न्यायालय ने भी कहा है कि पुलिस भक्तों को परेशान कर रही है। कोर्ट ने इतनी बड़ी संख्या में पुलिस की तैनाती का तर्क भी माँगा है।