राजनीति
2018 विधान सभा चुनाव- कांग्रेस की वापसी लेकिन भाजपा की हार नहीं

10:30 बजे तक की ख़बरों के अनुसार, अब तक की मतगणना में छत्तीसगढ़ में कांग्रेस तथा तेलांगना में टीआरएस को स्पष्ट बहुमत मिलता दिखाई दे रहा है। वहीं मध्यप्रदेश में कांग्रेस और भाजपा में काँटे की टक्कर होती दिखाई दे रही है और राजस्थान में कांग्रेस भाजपा से कहीं ज्यादा आगे निकलती दिखाई दे रही है।
दूसरी और मिज़ोरम में एनडीए समर्थक दल, मिज़ो नेशनल फ्रंट (एमएनएफ) कांग्रेस का सूपड़ा साफ करती हुई नज़र आ रही है।

सबसे चौंकाने वाले परिणाम छत्तीसगढ़ में सामने आ रहे हैं। जहाँ बात की जा रही थी कि मायावती- जोगी का गठबंधन भाजपा विरोधियों के मत हासिल करेगा जो कि रमन सिंह के पक्ष में परिणाम दे सकता है। लेकिन इसके विपरीत मतदाताओं ने खुलकर कांग्रेस के समर्थन में वोट डाले हैं। गणना के दौरान कुछ समय तक रमन सिंह अपनी ही सीट से पिछड़ गए थे।

इसके अलावा मध्यप्रदेश तथा राजस्थान में एंटी इंकम्बेसी होने के बाद भी भाजपा अच्छा प्रदर्शन करते नज़र आ रही है। इसके अलावा तेलांगना में टीआरएस एकतरफ़ा बहुमत हासिल करती दिख रही है। यदि 2019 के लोकसभा चुनावों में एनडीए को आवश्यकता रही, तो टीआरएस का समर्थन मिलने की संभावना दिख रही है।

जितनी कड़ी टक्कर भाजपा ने मध्यप्रदेश और राजस्थान में दी है, इसे देखकर कहा जा सकता है, कि 2019 के लोकसभा चुनावों में, मोदी बनाम अन्य में, विधानसभा चुनावों की तुलना में भाजपा अच्छा प्रदर्शन कर सकती है।

कांग्रेस के पक्ष से देखें, तो छत्तीसगढ़, राजस्थान तथा मध्यप्रदेश जैसे प्रमुख हिंदीभाषी राज्यों में कांग्रेस की वापसी अच्छा संकेत है, किन्तु सबसे हिन्दी भाषी क्षेत्र का हृदय कहे जाने वाले, उत्तरप्रदेश में मायावती और सपा, इससे अधिक सहयोग करने में अक्षम हैं। वहाँ कांग्रेस को खुद के दम पर जीत दर्ज करनी होगी। महागठबंधन के लिए आगे कई चुनौतियाँ हैं।

वहीं तेलांगना में कांग्रेस की बड़ी हार होती दिखाई दे रही है, व उसके समर्थक दल तेलुगु देशम पार्टी मुँह की खाती दिख रही है। इसका आशय है कि आंध्रप्रदेश में वाएसआर कांग्रेस तथा कांग्रेस का गठबंधन टूटने की संभावना है, और इसका फायदा 2019 के लोकसभा चुनावों के दौरान एनडीए, आवश्यकता पड़ने पर वायएसआर कांग्रेस का समर्थन ले सकता है।
यह आसार बदल सकते हैं, किंतु कांग्रेस के लिए इन तीन राज्यों में अच्छा प्रदर्शन करना बड़ी राहत नहीं है, अभी भी 2019 के लोकसभा चुनावों की बाज़ी भाजपा के हाथ में है।

जगन्नाथन स्वराज्य के संपादकीय निदेशक हैं। उनका ट्वीटर हैंडल @TheJaggi है।