राजनीति
छत्तीसगढ़ वासियों के दृढ़ संकल्प ने किया माओवादियों को नाकाम, चुनाव में उत्तम मतदाता भागीदारी

सोमवार (12 नवंबर) को छत्तीसगढ़ के विधान सभा चुनावों का प्रथम चरण सकुशल पूर्ण हुआ। माओवादियों की धमकी और मतदान न करने के उनके कथन को छत्तीसगढ़ वासियों ने दरकिनार करके भारी संख्या में मतदान किया।

चुनाव आयुक्त द्वारा जारी किए गए 4:30 बजे तक मतदाता भागीदारी के आँकड़े कुछ इस प्रकार हैं- कोंडागाँव में 61.47 प्रतिशत, बस्तर में 58 प्रतिशत, केशकाल में 63.51 प्रतिशत, काँकेर में 62 प्रतिशत, खैरागढ़ में 60.5 प्रतिशत, दंतेवाड़ा में 49 प्रतिशत, डोंगरगढ़ में 64 प्रतिशत और खुज्जी में 65.5 प्रतिशत मतदाता भागीदारी रही।

चुनाव आयोग की तरफ से उमेश सिन्हा ने बताया कि उन्हें 70 प्रतिशत तक मतदान भागीदारी की आशा है।

मुख्य चुनाव अधिकारी सुब्रत साहू ने बताया कि उन इलाकों में भी मतदान हुआ जहाँ लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग पहले कभी नहीं किया था। “जिन बूथों पर मात्र 5-10 वोट डाले जाते थे, वहाँ भी काफी लोगों ने मतदान किया है। सुकमा जिले के अंतरिम भाग पलमगुड़ा जो माओवादियों का गढ़ है, वहाँ पहली बार 44 लोगों ने मतदान किया। दंतेवाड़ा के मुलाद और निलाभया में क्रमशः 10 और 19 वोट डाले गए।”, साहू ने द हिंदू  को बताया।