राजनीति
सचिन, लता जैसी हस्तियों के केंद्र के समर्थन में ट्वीट पर महाराष्ट्र सरकार कराएगी जाँच

कृषि कानूनों को लेकर केंद्र के समर्थन में ट्वीट करने वाली बड़ी हस्तियों, जिसमें भारत रत्न प्राप्त करने वाले क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर और गायिका लता मंगेशकर सहित अन्य के खिलाफ महाराष्ट्र सरकार अब जाँच करवाएगी।

न्यूज़-18 की रिपोर्ट के अनुसार, कांग्रेस ने ट्वीट को लेकर पुलिस जाँच की मांग की, ताकि यह पता लगाया जा सके कि भाजपा द्वारा केंद्र के समर्थन में सोशल मीडिया पर ट्वीट करने के लिए दबाव बनाया गया था या नहीं। इसको लेकर प्रदेश कांग्रेस के महासचिव और प्रवक्ता सचिन सावंत ने जाँच की मांग के साथ राज्य के गृहमंत्री अनिल देशमुख से भेंट की।

हिंदुस्तान टाइम्स ने सावंत के हवाले से कहा था, “सचिन तेंदुलकर, अक्षय कुमार, सुनील शेट्टी, साइना नेहवाल जैसी हस्तियों की ओर से इसको लेकर किए गए ट्वीट का तरीका बिल्कुल एक जैसा था। साइना नेहवाल और अक्षय कुमार के ट्वीट का कंटेंट एक है, जबकि सुनील शेट्टी ने ट्वीट में भाजपा नेता को टैग किया था। ये दर्शाता है कि हस्तियों और सत्‍ताधारी पार्टी के नेताओं के बीच कोई संपर्क था। इसकी जाँच होनी चाहिए कि क्‍या भाजपा की ओर से देश की उन हस्तियों पर कोई दबाव बनाया गया था। अगर ऐसा था तो उनको अधिक सुरक्षा देने की आवश्यकता है।”

गृह मंत्री अनिल देशमुख ने कहा, “हमारे राज्य का खुफिया विभाग पूछताछ करेगा कि क्या ट्वीट को समकालिक तरीके से भेजा गया था। सभी ट्वीट्स का समय और समन्वित तरीके से बाहर भेजने की कार्यवाही इंगित करती है कि इसकी योजना बनाई गई थी।”

इससे पूर्व, अमेरिकी पॉप स्‍टार रिहाना और पर्यावरण कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग ने किसान आंदोलन के पक्ष में ट्वीट किए थे। इसके बाद 3 फरवरी को कई हस्तियों ने ट्वीट किए, जो हैशटैक इंडिया अगेंस्ट प्रोपोगंडा और हैशटैक इंडिया टुगेदर को लेकर थे।

बता दें कि एनसीपी नेता शरद पवार ने किसानों के मुद्दों पर टिप्पणी करने को लेकर सचिन तेंदुलकर को सावधान रहने की चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा था, “मैं सचिन को सुझाव दूँगा कि वे अन्य क्षेत्रों से जुड़े मुद्दों पर बोलते समय सावधानी बरतें।”

एमएनएस प्रमुख राज ठाकरे ने भी पवार की कही गई बातों को दोहराया। उन्होंने कहा, “सरकार को यह गलती नहीं करनी चाहिए। लता मंगेशकर, सचिन तेंदुलकर जैसे बड़े लोग बहुत सीधे-सादे हैं। केंद्र सरकार ने उन्हें ट्वीट करने के लिए कहा, जिसके बाद उन्हें लोगों की आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है।”