राजनीति
2019 लोकसभा चुनावों के लिए जानिए वाराणसी के नाविकों का अनुमान

आशुचित्र- वाराणसी के नाविकों के अनुमान से जानें किन मुद्दों पर मोदी को वोट मिलेंगे और क्या नहीं रहेगा भाजपा के पक्ष में।

चुनाव अभियान ज़ोरों पर हैं और इसके साथ ही राजनेता, पार्टी कार्यकर्ता, मीडिया से जुड़े लोग, राजनीतिज्ञ, आदि अपना-अपना अनुमान लगाने में व्यस्त हैं लेकिन इन सबसे अधिक कार्य आम जनता करती नज़र आ रही है।

इलाहाबाद के निषाद (नाविक) अपने चुनावी अनुमान के लिए प्रसिद्ध हैं क्योंकि वे उन लाखों लोगों से मिलते हैं जो प्रतिवर्ष संगम में डुबकी लगाने जाते हैं और उनकी राजनीतिक चर्चाएँ भी सुनते हैं। गत 3 चुनावों में उनका चुनावी अनुमान बहुत सटीक पाया गया था। वाराणसी के मल्लाहों का चुनाव को लेकर क्या अनुमान है, यह जानने के लिए मैंने बनारस के घाटों पर अनेक नाविकों से बातचीत की।

मल्लाह गोपाल साहनी ने बताया कि उनका मानना है कि मोदी बहुत काम किया है। मोदी का समर्थन करते हुए वे बोले, “वे तो उसी दिन जीत गए थे जिस दिन सर्जिकल स्ट्राइक की थी, अब तो बस बैठना है।” वहीं राहुल गांधी को उन्होंने नादान बालक कहा। उनका अनुमान था कि इस चुनाव में 250 सीटें भाजपा की झोली में आएँगी।

विष्णु कुमार साहनी का मानना है कि मोदी की लहर ही ज़्यादा है। उन्होंने बताया कि जितने लोग नाव में चर्चा करते हैं वे मोदी की ही बात करते हैं। कारण पूछने पर विष्णु बताते हैं, “मोदी ने आतंकवाद का सफाया किया है और वह पाकिस्तान के मंसूबे पूरे नहीं होने देगा।” जब उनसे मत गणित के विषय में पूछा गया तो उन्होंने कहा, “मुस्लिम वोट न कभी भाजपा को मिला है, न ही मिलेगा।”

वहीं रवि साहनी कहते हैं कि वे कांग्रेस को वोट देंगे क्योंकि उनका परिवार हमेशा कांग्रेस को ही वोट देता आया है। लेकिन उन्होंने यह बी माना कि मोदी ने घाटों की सफाई करवाई है जिससे दर्शकों व यात्रियों की संख्या बढ़ी है।

नाविकों से बातचीत करके पता चला कि उनमें एक ही असंतोष था जो बनारस के घाटों पर बड़ी मोटर बोट लाने की कथित योजना से उपजा था। इससे उनकी कमाई पर नकारात्मक असर पड़ता। इसके विरुद्ध पूरी काशी के मल्लाहों ने 1 जनवरी से 9 जनवरी विरोध जताते हुए नावें बंद रखी थीं। इसके बाद उनकी मांग मान ली गई थी और मोटर बोट की योजना को आगे नहीं बढ़ाया गया।

“मोदी के आने से बहुत विकास हुआ है, कमाई में इज़ाफ़ा हुआ है।”, दिनेश मांझी ने कहा। काशी के नाविक किसको वोट देते आए हैं यह पूछने पर दिनेश बताते हैं कि पहले निषाद लोग अपना उम्मीदवार भी उतरा करते थे लेकिन अब अधिकतम मल्लाह मोदी को ही वोट दे रहे हैं।

राजेश साहनी के अनुसार देश के युवाओं में मोदी को लेकर बहुत उत्साह और जज़्बा है। “लोग देश के लिए पहले से अधिक भी सोचते हैं। मोदी ने जनता को जागरूक किया है।”, राष्ट्रवादी की बढ़ती भावना पर साहनी ने कहा।

नाविकों के साथ अपना अधिकांश समय बिताने वाले रवि कुमार गौर का कहना है, “पिछली बार मोदी लहर थी, इस बार लहर के साथ साथ भाजपा का काम भी बोल रहा है।” वे बताते हैं कि दूसरी पार्टी के कुछ नेताओं ने मोदी से प्रेरणा लेकर और कुछ ने ‘कम्पटीशन’ (टक्कर) देने के लिए काम किया है। उनके अनुसार उत्तर प्रदेश से सुल्तानपुर, आजमगढ़, अमेठी आदि क्षेत्रों को छोड़कर बाकी सारी सीटें मोदी को जा रही हैं। अच्छा प्रदर्शन न करने वाले भाजपा नेताओं को चेतावनी देते हुए उन्हेंने कहा, “जो नेता लहर में जीत गए थे लेकिन काम नहीं किया, वे इस बार हारेंगे।”

कश्मीर में चलाए गए ऑल आउट अभियान से नाविक बहुत खुश हैं। उनके अनुसार मोदी एक डॉक्टर हैं जो भारत देश का इलाज कर रहे हैं, और इलाज में तुरंत हाई डोज़ देकर बीमारी का इलाज नहीं किया जा सकता है। मोदी की प्रसिद्धि पर उन्होंने कहा, “दुनिया का कोई भी व्यक्ति हो, उसे भले ही अपने नेता का नाम नहीं पता हो, किंतु भारत और मोदी का नाम आज दुनिया का हर व्यक्ति जानता है।”

मोदी के चुनाव जीतने के बाद अपेक्षाएँ बताते हुआ उन्होंने कहा कि राम मंदिर का निर्माण होना चाहिए, धारा 370 ख़त्म की जाए और रोज़गार बढ़ाया जाए।

नाविकों के चुनावी अनुमान का निष्कर्ष निकाला जाए तो कहा जा सकता है कि भाजपा को पिछले चुनाव से कम सीटें मिलेंगी लेकिन #आएगातोमोदीही।

आशुतोष बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में स्नातकोत्तर की शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। वे @ashutoshhindi के माध्यम से ट्वीट करते हैं।