राजनीति
बंगाल से अगवा हुई नाबालिग ने बताया- नमाज़ और क़ुरान पढ़ने के लिए किया था विवश

पश्चिम बंगाल से महीने भर पहले एक मुस्लिम व्यक्ति द्वारा अगवा की गई 14 वर्षीय हिंदू लड़की ने बताया कि उसे कब्ज़े में रखे जाने के दौरान नमाज़ और क़ुरान पढ़ने के लिए विवश किया गया था। बच्ची को गुजरात से बचाया गया।

जन्म प्रमाण-पत्र

संवाददाता के पास बच्ची और उसे बचाने वाले गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) से जुड़े व्यक्ति के बीच की वार्ता का ऑडियो है। लड़की कह रही है कि सोहिदुल रहमान नामक व्यक्ति ने उसे नमाज़ और क़ुरान की अरबी आयतें पढ़ने के लिए विवश किया था।

उसने बताया कि निकाह की औपचारिकता के लिए उसे मस्जिद नहीं ले जाया गया था लेकिन रहमान एक व्यक्ति को घर लेकर आया था जिसकी उपस्थिति में निकाहनामा पढ़ा गया और लड़की से भी पढ़वाया गया। रहमान कहता था कि अब वह उसका शौहर है और बार-बार उससे शारीरिक संबंध बनाता था।

लड़की पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के हमीरपुर गाँव की है। 6 अक्टूबर को वह लापता हो गई थी जिसके अगले दिन भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 363 (अपहरण) और 366ए (नाबालिग को कब्ज़े में रखना) के तहत जीबंतला पुलिस थाने में प्राथमिकी (क्रमांक 456/2020) दर्ज की गई थी।

प्राथमिकी

नई दिल्ली आधारित संस्था मिशन मुक्ति को 11 अक्टूबर को घटना की जानकारी मिली और बंगाल पुलिस के उच्च अधिकारियों के साथ मिलकर उन्होंने काम किया। संस्था के निदेशक वीरेंद्र कुमार सिंह ने संवाददाता को बताया कि पुलिस ने 7 से 10 अक्टूबर की रहमान की कॉल डिटेल रिकॉर्ड एनजीओ को दी थी।

डाटा से पता चलता है कि 8 अक्टूबर को रहमान बिहार था, अगले दिन राजस्थान और उसके अलगे दिन गुजरात। हालाँकि इस जानकारी से उन्हें अधिक सहायता नहीं मिल पाई।

“हमारे पास टावर लोकेशन नहीं थी। जैसे-जैसे दिन गुज़र रहे थे, हमें भय था कि रहमान किसी और राज्य में न चला गया हो।”, सिंह ने कहा। इसके बाद एनजीओ ने नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग से हस्तक्षेप का निवेदन किया।

इस मामले की जाँच पश्चिम बंगाल आपराधिक जाँच विभाग (सीआईडी) की एंटी-ह्यूमन ट्रैफिकिंग इकाई (एएचटीयू) के पास गई। 11 नवंबर को रहमान की लोकेशन की जानकारी प्राप्त कर एएचटीयू दल बच्ची को बचाने के लिए बंगाल से गुजरात के राजकोट गया।

“मैं भी उसी दिन नई दिल्ली से राजकोट के लिए निकल गया। बाल आयोग ने राजकोट पुलिस को बच्ची को बचाने के अभियान में सहयोग का निर्देश दिया।”, सिंह ने बताया। दीपावली से दो दिवस पूर्व 12 नवंबर को राजकोट के जेटपुर से लड़की को बचाया गया।

पत्र

बाल आयोग के अध्यक्ष प्रियांक कानूंगो ने एक ट्विटर पोस्ट में इस बचाव अभियान को “लक्ष्मी पूजा” से जोड़ा था। पहले से विवाहित 28 वर्षीय अपहरणकर्ता को अपहरण के आरोप में गिरफ्तार किया गया।

यदि लड़की मजिस्ट्रेट के समक्ष यौन शोषण का बयान भी देती है और चिकित्सकीय रिपोर्ट से इसकी पुष्टि होती है तो रहमान पर बाल यौन अपराध संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो) के तहत भी मामला दर्ज हो जाएगा। सिंह ने संवाददाता को बताया कि इन दोनों औपचारिकताओं की प्रतियाँ अभी नहीं आई हैं।

13 नवंबर को लड़की को राजकोट में बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया था। अनाम रहने की शर्त पर बाल आयोग के एक अधिकारी ने संवाददाता को बताया कि जब लड़की को बताया गया कि रहमान विवाहित है और उसकी पत्नी बंगाल में है को लड़की ने उसके माँ-बाप के पास लौटने की इच्छा व्यक्त की।

वर्तमान में लड़की बंगाल सीआईडी की हिरासत में है और इस सप्ताह संभवतः उसके माँ-बाप को सौंप दिया जाएगा, सिंह ने बताया। बाल आयोग अधिकारी ने मामले की और जानकारी देते हुए बताया कि रहमान लड़की की मौसी से फ़ोन पर बात किया करता था।

एक दिन मौसी की जगह बच्ची ने फ़ोन उठा लिया। रहमान ने उससे बात की और बताया कि वह अगली बार उसे कब कॉल करेगा। इसके बाद वे दोनों बार-बार बात करने लगे। कुछ सप्ताह पहले रहमान ने उससे निक़ाह की बात की थी।

स्वाति गोयल शर्मा स्वराज्य में वरिष्ठ संपादक हैं और वे @swati_gs के माध्यम से ट्वीट करती हैं।