राजनीति
“भगवान राम नहीं, बाबर हमारे ईश्वर”- कांग्रेस धर्मनिरपेक्षता की परिभाषा: हिमंता बिस्वा सरमा का तीखा वार

असम के मंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने रविवार (29 अक्टूबर) को कांग्रेस पर एक घातक वार करते हुए कहा कि उन्होंने उस पार्टी का सदस्य रहते हुए अपने जीवन के 25 वर्ष बर्बाद कर दिए। भाजपा नेता चार वर्ष पूर्व कांग्रेस में थे।

भाजपा के युवा मोर्चा की एक रैली में संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी युवाओं की सहायता से आने वाले चुनाव जीतेगी। उन्होंने यह भी कहा कि काश वे अपनी युवावस्था में भारतीय जनता युवा मोर्चा के सदस्य होते पर अफसोस की बात है कि वे उस समय यूथ कांग्रेस के सदस्य थे।

उन्होंने यह भी दावा किया कि कांग्रेस में रहते हुए उन्होंने भाजपा के सिद्धांतों और मूल्यों के प्रति आँखें मूंद ली थीं। वे कांग्रेस पार्टी में बिताए हुए सालों पर पछताते हैं और यह भी कहा कि कांग्रेस में कार्यकर्ताओं को ‘राहुल गाँधी की जय’ बोलने को कहा जाता है, जबकि भाजपा में कार्यकर्ता ‘भारत माता की जय’ का उच्चारण करते हैं।

उन्होंने अपने वक्तव्य के अंत में कहा कि कांग्रेस की धर्मनिरपेक्षता की परिभाषा में आता है कि भगवान राम नहीं, बाबर हमारे ईश्वर हैं जबकि भाजपा यह मानती है कि बाबार हमारा शत्रु है और भगवान राम हमारे प्रभु हैं।