राजनीति
श्रद्धा नहीं खिलवाड़- स्वयं को नास्तिक कहने वाली महिला पत्रकार क्यों जा रही थी सबरीमाला?

एक महिला पत्रकार जिसने सोशल मीडिया पर अपनी यात्रा का प्रसारण करने के बाद सबरीमाला मंदिर जाने की चेष्टा की थी, उसका रास्ता प्रदर्शनकारियों ने रोककर, उसे वापस भेज दिया, द न्यूज़ मिनट  ने बताया।

लिबी सी.एस. नामक महिला ने श्रद्धालुओं का आक्रोश तब देखा जब वह प्ररूपी तीर्थयात्री जैसे काले कपड़े पहनकर और माथे पर भभूत लगाकर पथानामथिट्टा बस अड्डे पहुँची। सोशल मीडिया के अपने पोस्ट में उसने लिखा था, “दोस्तों, हम चार लोग सबरीमाला जा रहे हैं जिसमें मेरे जैसे नास्तिक भी हैं और दो श्रद्धालु भी। मैं सबरीमाला इसलिए नहीं जा रही क्योंकि मेरी यह इच्छा है।”

न्यूज़गिल नामक वेबसाइट में लिबी संपादक और पत्रकार है। अपनी वेबसाइट पर पहले उसने एक स्टोरी में प्रकाशित किया था कि यदि महिला श्रद्धालुओं के कारण अयप्पा की काम-वासना जागृत हो गई तो वे उनके लिए दवाइयाँ निर्देशित कर देंगे।

केरला के कई समूहों ने तीर्थस्थल को कलंकित करने वाले कई पोस्ट के लिए इस पत्रकार के विरुद्ध एफ.आई.आर. दर्ज की थी।

पुलिस ने इस महिला के चारों ओर सुरक्षा कवच बनाया और उसे सुरक्षित पुलिस वैन तक पहुँचाया, जो उसे बस अड्डे से दूर ले गई।