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दिल्ली के विद्यालय में धार्मिक आधार पर किया गया विद्यार्थियों का विभाजन

उत्तर दिल्ली नगर निगम के कुछ अध्यापकों ने वज़ीराबाद के एक स्कूल में सांप्रदायिक अलगाववाद की शिकायत की है।
उपस्थिति रिकॉर्ड के अनुसार द्वितीय कक्षा का संख्याशःविभाजन कुछ इस प्रकार है- द्वितीय ‘अ’- 47 हिंदू, द्वितीय ‘ब’- 26 मुस्लिम व 15 हिंदू एवं द्वितीय ‘स’- 40 मुस्लिम।
प्रधानाध्यापक सी.बी. सिंह सेहरावत ने धार्मिक आधार पर पृथक्करण की बात को नकारा है। वे इसे प्रबंधन का निर्णय बताते हैं।
विद्यालय ने शिक्षा के अधिकार अधिनियम का भी उल्लंघन किया है जिसके अनुसार एक कक्षा में 30 से अधिक विद्यार्थियों को नहीं पढ़ाया जा सकता। विद्यालय के एक सूत्र से पता लगा कि इस प्रकार की कक्षाओं में विद्यार्थियों की धार्मिक आधार पर फेरबदल जुलाई से ही शुरु हुई है जब सेहरावत ने प्रधानाध्यापक का पदभार संभाला। सूत्र ने यह भी बताया कि यह निर्णय बिना किसी की सलाह मश्वरा के लिया गया और यदि किसी ने इस विषय पर अपनी राय दी तो उनसे अपने काम से काम रखने को कहा गया।
सूत्र ने बताया कि विद्यालय के कुछ अध्यापक इस बात की शिकायत करने नगर निगम के आंचलिक कार्यालय भी गए थे परंतु लक्षित होने के भय से उन्होंने लिखित में कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई थी। इस मामले के सामने आते ही उत्तर दिल्ली नगर निगम के अधिकारी ने कहा है कि वे मामले की जाँच करेंगे।
इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार कक्षा 4 में पढ़ रहे एक विद्यार्थी की माँ ने धार्मिक अलगाववाद की बात को पहले नहीं माना था लेकिन उनके बेटे ने उन्हें बताया, “मेरी कक्षा में अब कोई हिंदू लड़के नहीं हैं। कुछ महीने पहले हम साथ ही पढ़ते थे। मेरा एक बहुत अच्छा मित्र अब मेरी कक्षा में नहीं है।”