राजनीति
क्या भारत में चलेगा ईसाई कानून? गुरुग्राम हत्याकांड का आरोपी निकला कट्टर ईसाई प्रचारक

गुरुग्राम दोहरे हत्याकांड की प्रारंभिक जाँच पड़ताल से लग रहा है कि जिस न्यायाधीश के बंदूकधारी ने उनके सात साल के बेटे और पत्नी पर गोली चलाई है, वह ईसाई धर्म प्रचार के कट्टर विचारों से प्रभावित था।

आरोपी कॉन्स्टेबल महिपाल जो स्वयं हाल ही में धर्म परिवर्तित कर ईसाई बना था, कहा जा रहा है कि वह जज के परिवार पर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बना रहा था। इससे पहले उसने 14 लोगों का धर्म परिवर्तन करवाया था जिसमें कुछ सी.आर.पी.एफ. के जवान भी थे।

महिपाल ने गुरुग्राम के अतिरिक्त जिला न्यायाधीश कृषन कांत के बेटे और पत्नि पर साउथ सिटी-2 के सेक्टर 51 में शनिवार को भरे बाज़ार में दिन दहाड़े गोली चलाई। महिपाल ने कुल पाँच गोलियाँ चलाई। दो गोलियाँ जज की पत्नी ऋतु की गरदन और धड़ पर लगी जबकि पुत्र को सिर में एक गोली और धड़ में दो गोली मारी गई। बंदूकधारी जज की सफ़ेद होंडा सिटी में वारदात के स्थान से फरार हो गया, हालाँकि ग्वाल पहाड़ी गाँव के पास पुलिस ने उस धर दबोचा। उसने पुलिस पर भी गोली चलाई लेकिन पुलिस ने उस पर काबू पा लिया और वह गिरफ्तार कर लिया गया।

बुरी तरह से ज़ख़्मी हो चुके माँ-बेटे को निकट के अस्पताल ले जाया गया। 37 वर्षीय ऋतु की शनिवार रात को ही मौत हो गई जबकि 17 वर्षीय ध्रुव की स्थिति ‘द ट्रिब्युन’ द्वारा बहुत ही गंभीर बताई गई।

अपराध के पीछे कोई भी धन-संबंधी या अन्य कारण नहीं नज़र आ रहा है। जाँच अधिकारियों का कहना है कि आरोपी हमेशा अपने हाल ही के धर्म परिवर्तन का वर्णन करता रहता था और बाइबल की भी बहुत बातें करता था। उसका यह भी कहना था कि यह ईसाइयों का कर्तव्य है कि वह शैतानों का नाश करें।

पुलिस कमीशनर के.के.राव ने कहा- “जाँच अभी जारी है और हम जानना चाहचे हैं कि अपराधी का असल उद्देश्य क्या था। लेकिन हाँ, आरोपी बाइबल की बहुत बातें करता है।”