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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द ही लॉन्च कर सकते हैं नेटग्रिड, परीक्षण अंतिम चरण में

प्रौद्योगिकी के माध्यम से आतंकवाद और अपराध से निपटने के लिए भारत की क्षमता बढ़ाने हेतु प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द ही बहुप्रतीक्षित राष्ट्रीय खुफिया ग्रिड (नेटग्रिड) लॉन्च कर सकते हैं।

वास्तव में, इस महत्वाकांक्षी इलेक्ट्रॉनिक डाटाबेस का अंतिम परीक्षण अभी चल रहा है।

नेटग्रिड 21 डाटाबेस का एक मास्टर डाटाबेस है, जो आतंकवाद और अपराध के विरुद्ध वास्तविक समय की जानकारी प्रदान करेगा। इसमें कर, दूरसंचार, क्रेडिट व डेबिट कार्ड, एयरलाइंस व रेलवे टिकट, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट आदि से संबंधित डाटा सम्मिलित होगा।

राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) द्वारा डिज़ाइन किए गए नेटग्रिड को एक ऐसी प्रणाली के रूप में माना जाता है, जो संदिग्धों का पता लगाएगी और बाद में वर्गीकृत सूचनाओं और रीयल-टाइम डाटा तक पहुँच के माध्यम से आतंकवादी हमलों को रोकेगी।

पीटीआई के अनुसार, आरंभिक चरण में कुल 10 केंद्रीय एजेंसियों और 21 सेवा प्रदाताओं को नेटग्रिड से जोड़ा जाएगा। इसमें प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी), राजस्व खुफिया विभाग सहित अन्य सम्मिलित होंगे। बाद के चरणों में लगभग 950 और संगठनों को मास्टर डाटाबेस में जोड़ा जाएगा।

नेटग्रिड पर मुंबई में 26/11 के आतंकी हमलों के बाद काम शुरू किया गया था। हालाँकि, 2012 के बाद काम धीमा हो गया था और 2014 में उसी के संबंध में प्रधानमंत्री मोदी के आदेशों के बाद ही इसे पुनः शुरू किया गया था।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस माह की शुरुआत में एक कार्यक्रम के दौरान कहा था, “अपेक्षा है कि प्रधानमंत्री कुछ समय में देश को नेटग्रिड समर्पित करेंगे।”