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प्रधानमंत्री मोदी 2 अप्रैल को नेपाल के लिए प्रथम यात्री ट्रेन को हरी झंडी दिखा सकते हैं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा भारत से नेपाल के लिए ब्रॉड गेज लाइन पर प्रथम यात्री ट्रेन सेवा को प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा सहित उच्च स्तरीय नेपाली प्रतिनिधिमंडल की उपस्थिति के मध्य झंडी दिखाकर रवाना किया जाएगा।

बिहार के जॉयनगर से नेपाल में कुर्था तक 35 किलोमीटर की लाइन 2 अप्रैल को पाँच कोच वाली डीईएमयू ट्रेन के संचालन के साथ चालू हो रही है, जो हिमालयी देश में पहली ब्रॉड गेज यात्री सेवा है।

ट्रेन नेपाल में जनकपुर से होकर गुजरेगी, जिसे देवी सीता का जन्मस्थान माना जाता है। इसके संचालन से देवी सीता की जन्मस्थली पर दूर-दूर से लोगों के आने की अपेक्षा है।

पहले इस खंड में एक छोटी गेज लाइन थी, जिसे भारतीय रेलवे के सार्वजनिक उपक्रम इरकॉन द्वारा 500 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से बीजी लाइन में परिवर्तित किया गया।

भारत ने इस खंड में यात्री सेवा के लिए नेपाल को 52 करोड़ रुपये की लागत से पाँच-पाँच कोच वाली दो डीईएमयू ट्रेनें दी हैं।

कोंकण रेलवे कॉरपोरेशन लिमिटेड को ट्रेन सेवा के रखरखाव की ज़िम्मेदारी सौंपी गई है। नेपाली प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा के अगले सप्ताह तीन दिवसीय आधिकारिक दौरे पर भारत आने की संभावना है।

भारत ने बांग्लादेश के लिए एक नई यात्री ट्रेन शुरू करने का भी निर्णय किया है, ताकि रेल के माध्यम से लोगों के बीच संपर्क को और सशक्त किया जा सके।

नई यात्री ट्रेन सेवा- मिताली एक्सप्रेस, दोनों पड़ोसी देशों के मध्य रेल संपर्क को बढ़ावा देने के लिए भारत में ढाका और पश्चिम बंगाल के न्यू जलपाईगुड़ी के मध्य चलने की संभावना है।

भारत-बांग्लादेश के मध्य पहले से कोलकाता-ढाका-कोलकाता मैत्री एक्सप्रेस (सप्ताह में 5 दिन) और कोलकाता-खुलना-कोलकाता बंधन एक्सप्रेस (सप्ताह में 2 दिन) यात्री ट्रेन सेवाएँ हैं। इन ट्रेनों को कोविड प्रतिबंधों के कारण निलंबित किया गया है।