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पाँच राज्यों के 7,287 गाँवों में 4-जी सेवाओं के लिए यूएसओएफ योजना को स्वीकृति

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाले केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार (17 नवंबर) को पाँच राज्यों के आकांक्षी जिलों के मोबाइल सेवा से अछूते गाँवों में 4-जी सेवाओं के प्रावधान के लिए सार्वभौमिक सेवा दायित्व निधि (यूएसओएफ) योजना को स्वीकृति दी।

बुधवार को एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया, “परियोजना में आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, महाराष्ट्र और ओडिशा के पाँच राज्यों के 44 आकांक्षी जिलों के 7,287 गाँवों में 4-जी आधारित मोबाइल सेवाएँ प्रदान करने की परिकल्पना की गई है। इसके कार्यान्वयन की अनुमानित लागत लगभग 6,466 करोड़ रुपये है, जिसमें 5 वर्षों के लिए परिचालन व्यय सम्मिलित है।”

विज्ञप्ति के अनुसार, इस परियोजना को यूएसओएफ द्वारा वित्त पोषित किया जाएगा और समझौते पर हस्ताक्षर करने के बाद 18 महीने के भीतर पूरा किया जाएगा। इसके नंवबर 2023 तक पूरा होने की संभावना है।

आगे कहा गया कि चिह्नित नहीं किए गए गाँवों में 4-जी मोबाइल सेवाओं को पहुँचाने से संबंधित कार्य मौजूदा यूएसओएफ प्रक्रियाओं के अनुसार खुली प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया के माध्यम से आवंटित किए जाएँगे।

विज्ञप्ति में कहा गया, “पाँच राज्यों आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, महाराष्ट्र और ओडिशा के आकांक्षी जिलों के दूरस्थ और वंचित क्षेत्रों में मोबाइल सेवाएँ देने का प्रस्ताव डिजिटल संयोजकता को बढ़ाएगा। यह आत्मनिर्भरता, सीखने के अवसर, सूचना का प्रसार, कौशल विकास, आपदा प्रबंधन और ई-गवर्नेंस पहल के लिए उपयोगी है।”

आगे कहा गया, “यह कदम डिजिटल इंडिया के उद्देश्य को पूरा करते हुए उद्यमों और ई-कॉमर्स सुविधाओं को बढ़ावा देगा। इससे शैक्षणिक संस्थानों को सहायता मिलेगी और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।”