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प्रधानमंत्री ने गुजरात में वैश्विक आयुष निवेश, नवाचार शिखर सम्मेलन का उद्घाटन किया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को गुजरात के गांधीनगर में महात्मा मंदिर में वैश्विक आयुष निवेश और नवाचार शिखर सम्मेलन का उद्घाटन किया। इस अवसर पर मॉरिशस के प्रधानमंत्री प्रविंद जगन्ननाथ और विश्व स्वास्थ्य संगठन के महासचिव डॉ टेड्रोस अधनोम घेब्रेसियस उपस्थित थे।

तीन दिवसीय शिखर सम्मेलन में लगभग 90 प्रख्यात वक्ताओं और 100 प्रदर्शकों की उपस्थिति में पाँच पूर्ण सत्र, आठ राउंड टेबल सम्मेलन, छह कार्यशालाएँ और दो संगोष्ठी कार्यक्रम आयोजित होंगे।

पीएमओ ने एक विज्ञप्ति में कहा कि शिखर सम्मेलन निवेश क्षमता को उजागर करने में सहायता करेगा और नवाचार, अनुसंधान, विकास, स्टार्ट-अप पारिस्थितिकी तंत्र और कल्याण उद्योग को बढ़ावा देगा। यह उद्योग जगत के नेताओं, शिक्षाविदों और विद्वानों को एक साथ लाने में सहायता करेगा और भविष्य के सहयोग के लिए एक मंच के रूप में कार्य करेगा।

डॉ टेड्रोस अधनोम घेब्रेसियस ने महात्मा गांधी के राज्य और देश में उपस्थित होने पर प्रसन्नता व्यक्त की, जिसे उन्होंने विश्व का गौरव कहा।

प्रधानमंत्री ने कहा, “वैश्विक आयुष निवेश और नवाचार शिखर सम्मेलन का विचार हमारे पास महामारी के समय आया था। कौन सोच सकता था कि हम इतनी जल्दी कोरोना की वैक्सीन विकसित कर लेंगे?”

उन्होंने कहा, “हम पहले से ही आयुष दवाओं, पूरक और सौंदर्य प्रसाधनों के उत्पादन में अभूतपूर्व वृद्धि देख रहे हैं। 2014 में जहाँ आयुष क्षेत्र 3 अरब डॉलर से कम था, आज यह बढ़कर 18 अरब डॉलर से अधिक हो गया है।”

औषधीय पौधों का उत्पादन किसानों की आय और आजीविका बढ़ाने और रोजगार सृजन का एक अच्छा साधन हो सकता है। इस पर प्रधानमंत्री ने कहा, “भारत हर्बल पौधों का खजाना है, यह एक तरह से हमारा हरा सोना है।”

उन्होंने कहा, “हमारे आयुष विशेषज्ञ भारतीय मानक ब्यूरो के सहयोग से आईएसओ मानक विकसित कर रहे हैं। यह 150 से अधिक देशों में आयुष के लिए एक बड़ा निर्यात बाज़ार खोलेगा।”