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प्रधानमंत्री मोदी ने यूएनजीए में पाक व चीन को दी नसीहत, “आतंकवाद को साधन न समझें”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार (25 सितंबर) को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 76वें अधिवेशन को संबोधित करते हुए बिना नाम लिए चीन और पाकिस्तान पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “जो देश आतंकवाद को साधन समझकर उसका उपयोग कर रहे हैं, उन्हें समझना होगा, यह उनके लिए भी उतना ही बड़ा खतरा है।”

न्यूज़-18 की रिपोर्ट के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि अफगानिस्तान की धरती का उपयोग आतंकवाद फैलाने के लिए न हो या वहाँ आतंकवादी घटना न हों। हमें सतर्क रहना होगा कि वहाँ की नाज़ुक स्थितियों का कोई देश अपने स्वार्थ के साधन की तरह उपयोग न करे। हमें अब अफगानिस्तान की जनता, महिलाओं, बच्चों व अल्पसंख्यकों की सहायता की आवश्यकता है। इसमें हमें अपना दायित्व निभाना होगा।”

उन्होंने चीन का नाम लिए बगैर समुद्र के माध्यम से व्यापार के संबंध में कहा, “समुद्र हमारी साझी विरासत है। हमें ध्यान रखना होगा कि समुद्र के संसाधनों का उपयोग करें ना कि दुष्प्रयोग। यह अंतर-राष्ट्रीय व्यापार की जीवन रेखा है। इसे विस्तारवाद की लड़ाई से बचाना होगा। इसके लिए अंतर-राष्ट्रीय नियमों के अनुरूप अंतर-राष्ट्रीय समुदाय को आवाज़ उठानी होगी।”

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “विज्ञान आधारित दृष्टिकोण को सशक्त बनाने के लिए भारत अनुभव पर आधारित पढ़ाई को बढ़ावा दे रहा है। हमारे यहाँ अटल टिंकरिंग लैब्स खोली गई हैं, इंक्यूब्येटर्स बने हैं और एक सशक्त स्टार्ट-अप पारिस्थितिकी तंत्र विकसित हुआ है। अपनी स्वतंत्रता के 75वें वर्ष के उपल्क्ष्य में भारत 75 ऐसे उपग्रहों को अंतरिक्ष में भेजने वाला है, जो भारतीय विद्यार्थी स्कूल-कॉलेजों में बना रहे हैं।”