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प्रधानमंत्री मोदी ने डब्ल्यूएचओ को मजबूत और उसमें सुधार करने का आह्वान किया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार (12 मई) को एक अधिक लचीले वैश्विक स्वास्थ्य सुरक्षा संरचना का निर्माण करने हेतु विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) को मजबूत और उसमें सुधार करने का आह्वान किया।

गुरुवार को दूसरे ग्लोबल कोविड-19 वर्चुअल शिखर सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने इस बात पर प्रकाश डाला कि भारत ने महामारी से निपटने के लिए एक जन केंद्रित रणनीति अपनाई और इस वर्ष अपने स्वास्थ्य बजट के लिए अब तक का सबसे अधिक आवंटन किया है।

उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के निमंत्रण पर समिट में भाग लिया था। उन्होंने कहा, “भारत विश्व में सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान चला रहा है और उसने अपनी वयस्क आबादी के करीब 90 प्रतिशत और 5 करोड़ से अधिक बच्चों का टीकाकरण किया है।”

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “भारत डब्ल्यूएचओ द्वारा स्वीकृत चार टीकों का निर्माण करता है और इस वर्ष पाँच अरब खुराक का उत्पादन करने की क्षमता रखता है।”

पीएमओ की एक विज्ञप्ति में गुरुवार को कहा गया, “प्रधानमंत्री मोदी ने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि वैश्विक समुदाय के एक ज़िम्मेदार सदस्य के रूप में भारत अन्य देशों के साथ अपनी कम लागत वाली स्वदेशी कोविड शमन प्रौद्योगिकियों, टीकों और चिकित्सा विज्ञान को साझा करके सक्रिय भूमिका निभाना जारी रखेगा।”

उन्होंने कहा कि भारत पड़ोसी देशों में अपने जीनोमिक सर्विलांस कंसोर्टियम का विस्तार करने के लिए कार्य कर रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “भारत ने पारंपरिक चिकित्सा का व्यापक रूप से उपयोग किया है और इस ज्ञान को दुनिया को उपलब्ध कराने के लिए देश में डब्ल्यूएचओ सेंटर फॉर ट्रेडिशनल मेडिसिन की नींव रखी है।”

उन्होंने आपूर्ति शृंखला को स्थिर और अनुमानित रखने के लिए टीकों व चिकित्सा विज्ञान के लिए डब्ल्यूएचओ की अनुमोदन प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने का भी आह्वान किया।