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“2025 के बाद देश में पेट्रोल दोपहिया वाहनों की बिक्री नहीं होनी चाहिए”- ओला सीईओ

ओला के सीईओ भाविश अग्रवाल का मानना ​​है कि भारत 2025 तक इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन में पूरी तरह से परिवर्तित हो सकता है, देश में पाँच वर्ष बाद पेट्रोल दोपहिया वाहनों की बिक्री नहीं होनी चाहिए।

ओला स्कूटर लॉन्च करते हुए भाविश अग्रवाल ने वाहन विद्युतीकरण के क्षेत्र में वैश्विक अधिनायक बनने की दिशा में देश के पूरे उद्योग के हाथ मिलाने की वकालत की।

पीटीआई की एक रिपोर्ट में उद्यमी के हवाले से कहा गया, “इसके लिए इच्छाशक्ति, निवेश, प्रौद्योगिकी और नेतृत्व की आवश्यकता है। हमारा मानना ​​है कि सभी को इसका नेतृत्व करना चाहिए।”

इस परिवर्तन पर बल देते हुए उन्होंने कहा, “यदि भारत इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) के मामले में एक अंतरराष्ट्रीय अधिनायक बन जाता है तो देश में नौकरियों की संख्या अधिक होगी। गैसोलीन पारिस्थितिकी तंत्र में लगे लोगों को आसानी से ईवी पारिस्थितिकी तंत्र में भी बनाए रखा जा सकता है।”

ओला कैब्स के संस्थापक ने कहा, “2025 के बाद देश में कोई भी पेट्रोल से चलने वाला दोपहिया वाहन नहीं बिकना चाहिए। यह संभव है। हम यह परिवर्तन चार वर्षों में कर सकते हैं। हमें पेट्रोल को अस्वीकार करना होगा और परिवर्तन की ओर बढ़ना होगा।”

अग्रवाल ने बताया कि वर्तमान में भारत में बिकने वाले करीब 80 प्रतिशत वाहन दोपहिया हैं। वे ही 40 प्रतिशत वायु प्रदूषण के लिए ज़िम्मेदार हैं। इसको बड़े पैमाने पर फैलने से रोकने के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर जाना वैकल्पिक नहीं बल्कि महत्वपूर्ण है।