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वीज़ा ने अमेरिकी सरकार से की भारत के रूपे कार्ड के प्रचार की शिकायत

पेमेंट्स की दिग्गज कंपनी वीज़ा ने भारत के रूपे कार्ड को लेकर अमेरिकी सरकार से शिकायत की है। कंपनी का कहना है कि भारत अपने भुगतान सेवा प्रणाली रूपे कार्ड सर्विस का औपचारिक और अनौपचारिक ढंग से प्रचार कर रहा है। इससे भारत में कंपनी को क्षति पहुँच रही है।

ज़ी बिज़नेस ने रायटर्स के हवाले से जानकारी दी कि रूपे कार्ड वीज़ा के लिए प्रतिद्वंद्वी है और भारत वीज़ा का एक प्रमुख बाज़ार है। अमेरिका सरकार के मेमो से इस शिकायत के बारे में जानकारी मिली है।

वीज़ा ने 9 अगस्त को अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर) कैथरीन ताई और सीईओ अल्फ्रेड केली सहित कंपनी के अधिकारियों के मध्य एक बैठक में भारत में लेवल प्लेइंग फील्ड के बारे में चिंता जताई थी।

इसके अतिरिक्त, मास्टरकार्ड ने निजी तौर पर यूएसटीआर के सामने इन्हीं शिकायतों को रखा है। कंपनी ने यूएसटीआर में विरोध दर्ज करवाया था कि भारत के प्रधानमंत्री स्थानीय नेटवर्क का प्रचार करने के लिए राष्ट्रवाद का सहारा ले रहे हैं।

बता दें कि एनसीपीआई एक गैर लाभकारी कंपनी है। ये भारत में रूपे कार्ड चलाती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई वर्षों से रूप कार्ड को बढ़ावा दिया है, जो वीज़ा और मास्टरकार्ड जैसी कंपनियों के लिए चुनौती बनता जा रहा है।

नवंबर 2020 तक भारत के 95.2 करोड़ डेबिट और क्रेडिट कार्ड में रूपे की भागीदारी 63 प्रतिशत थी, जबकि 2017 में यह हिस्सेदारी 15 प्रतिशत की थी।