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एएसआई की पटना शाखा ने कुम्हरार में कुषाण युग की ईंट की दीवारों के अवशेष खोजे

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की पटना शाखा ने कुम्हरार क्षेत्र में एक तालाब कायाकल्प कार्य स्थल पर ईंट की दीवारों के अवशेष खोदे हैं, जिनके बारे में अधिकारियों का मानना ​​है कि यह कम से कम 2,000 वर्ष पुराना हो सकता है।

एएसआई-पटना शाखा के अधीक्षक पुरातत्वविद् गौतमी भट्टाचार्य ने बताया, “अधिकारियों ने दीवारों के अवशेषों की खोज की। दरअसल, पटना रेलवे स्टेशन से 6 किलोमीटर पूर्व में कुम्हरार में गुरुवार को खोदाई कार्य चल रहा था, जहाँ पहले भी मौर्य साम्राज्य के अवशेष पाए गए थे।”

पीटीआई-भाषा को भट्टाचार्य ने बताया, “केंद्र सरकार के अभियान अमृत सरोवर पहल के अंतर्गत एएसआई संरक्षित तालाब का कायाकल्प कर रहा है। तालाब के अंदर ईंट की दीवारें एक महत्वपूर्ण खोज हैं। एएसआई विशेषज्ञों की एक टीम दीवारों के पुरातत्व महत्व का विश्लेषण कर रही है।”

ऐसा माना जा रहा है कि ये ईंटें कुषाण युग की हैं, जिसने लगभग 30 ईसवीं से लगभग 375 ईसवीं तक उत्तरी भारतीय उपमहाद्वीप, अफगानिस्तान और मध्य एशिया के कुछ भागों पर शासन किया था। हालाँकि, इस संबंध में कोई भी निष्कर्ष विस्तृत विश्लेषण के बाद ही निकल सकेगा।

भट्टाचार्य ने कहा, “हमने नई दिल्ली में एएसआई मुख्यालय में अपने वरिष्ठ अधिकारियों को इस खोज के बारे में सूचित कर दिया है।”