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चीनी इंजीनियरों पर आतंकी हमला- 1.16 करोड़ अमेरिकी डॉलर का मुआवजा देगा पाक

गत वर्ष 13 जुलाई को खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में आतंकवादी हमले में मारे गए या घायल हुए 36 चीनी नागरिकों, जो एक प्रमुख जलविद्युत परियोजना पर काम कर रहे थे, को मुआवजे के रूप में 1.16 करोड़ अमेरिकी डॉलर का पाकिस्तान भुगतान करेगा।

मुआवजा राशि पर निर्णय शुक्रवार को कैबिनेट की आर्थिक समन्वय समिति (ईसीसी) द्वारा लिया गया था, जिसकी अध्यक्षता वित्त मंत्री शौकत तारिन ने की थी।

वित्त मंत्रालय के बयान के अनुसार, “ईसीसी ने चीन के साथ हमारे संबंधों की गहराई पर विचार करने के बाद सरकार के स्तर पर एक सद्भावना संकेत के रूप में 1.16 करोड़ अमेरिकी डॉलर के भुगतान के प्रस्ताव को स्वीकृति दी।”

4,320 मेगावॉट की दसू जलविद्युत परियोजना का निर्माण चीन की गेझोबा कंपनी द्वारा विश्व बैंक के वित्त पोषण के साथ किया जा रहा है। यह सीपीईसी का हिस्सा नहीं है, जो 2015 में शुरू की गई एक बहु-अरब डॉलर योजना है।

चीनी कंपनी ने मुआवजे के मुद्दे का समाधान होने तक कार्यस्थल पर अपना काम बंद कर दिया था और पाकिस्तान द्वारा इस सप्ताह की शुरुआत में पीड़ितों को मुआवजा देने की घोषणा के बाद गुरुवार को काम पुनः आरंभ करवा दिया था।

बुरे आर्थिक हालात से गुज़र रहा पाकिस्तान चीनी नागरिकों को मुआवजा देने पर सहमत हो गया, जबकि वह हमले में मारे गए या घायल हुए लोगों को भुगतान करने के लिए कानूनी रूप से बाध्य नहीं था। यही नहीं, चीन में इस तरह के हमलों में मरने वाले नागरिकों को सामान्य रूप से चीन द्वारा भुगतान की जाने वाली राशि की तुलना में यह राशि दोगुनी है।

पाकिस्तानी मीडिया ने टिप्पणी की थी कि मुआवजे का भुगतान स्पष्ट रूप से पाकिस्तान-चीन द्विपक्षीय संबंधों में एक बड़ी अड़चन को दूर करने के उद्देश्य से किया गया है।