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पाकिस्तान पश्चिमी देशों की सैन्य प्रौद्योगिकी से संबंधित जानकारियाँ चीन संग साझा कर रहा

भारतीय वायुसेना के प्रमुख एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी ने मंगलवार (5 अक्टूबर) को पश्चिम देशों को चेताया कि पाकिस्तान उनकी सैन्य प्रौद्योगिकी से संबंधित जानकारियों को चीन के साथ साझा कर रहा है। साथ ही कहा कि चीन और पाकिस्तान साझेदारी से वैश्विक या क्षेत्र स्तर पर कोई खतरा नहीं है और इससे डरने की आवश्यकता नहीं है।

हिंदुस्तान लाइव की रिपोर्ट के अनुसार, वायुसेना प्रमुख ने प्रेसवार्ता में कहा, “भारतीय वायुसेना की नज़र चीनी वायुसेना पर है। पीएलए एयर फोर्स ईस्टर्न लद्दाख में भारतीय सीमा के निकट तीन बेस तैयार कर रहा है। फिर भी वे ऊँचाई वाले क्षेत्रों पर किसी अभियान को चलाने में मजबूत स्थिति में नहीं हैं। हम उस क्षेत्र में हर तरह की स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।”

उन्होंने कहा, “चिंता की बात सिर्फ सैन्य प्रौद्योगिकी तकनीक को लेकर है। पाकिस्तान अमेरिका, स्वीडन और अन्य यूरोपीय देशों से मिले मिलिट्री तकनीक को लगातार चीन को दे रहा है।”

भारतीय सीमा के पास पाकिस्तान की तरफ से हवाई अड्डों को लेकर बढ़ रहे संकट पर उन्होंने कहा, “यह नए हवाई अड्डे अधिकतर हेलीकॉप्टर से होने वाले अभियान के लिए बनाए गए थे। पाकिस्तान ने अफगानिस्तान सीमा की ओर जो हवाई पट्टी बनाई है, वह हो सकता है कि अपने लोगों को बचाने के लिए हो।”