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पंजाब जैसे जम्मू-कश्मीर में भी युवाओं को नशे का आदी बनाने के प्रयास में पाक- डीजीपी

जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह ने शुक्रवार (10 दिसंबर) को कहा कि पाकिस्तान यहाँ के युवाओं को नशीली दवाओं के खतरे में सम्मिलित करने के प्रयास कर रहा है जैसा उन्होंने पंजाब में किया था।

पुलिस प्रमुख ने अधिकारियों से खुफिया ग्रिड को मजबूत करने और बलों द्वारा त्वरित कार्रवाई के लिए जानकारियाँ साझा करने को कहा।

उन्होंने कहा कि जम्मू के राजौरी और पुंछ के दो सीमावर्ती जिलों में पाकिस्तानी अधिकारियों द्वारा प्रायोजित आतंकवादी घुसपैठ के प्रयास देखे जा रहे हैं। पुलिस, सेना और अन्य सुरक्षाबलों के मध्य बेहतर तालमेल और करीबी संपर्क की वजह से सीमा पर और भीतरी क्षेत्रों में इस तरह के कई प्रयासों को सफलतापूर्वक विफल कर दिया गया।

एक पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि पुलिस महानिदेशक ने संयुक्त अधिकारियों की बैठक में आंतरिक और सीमा सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के लिए पुंछ का दौरा किया।

प्रवक्ता ने बताया कि दौरे के दौरान डीजीपी को वरिष्ठ अधिकारियों ने नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तानी एजेंसियों द्वारा आतंकवादियों को घुसपैठ कराने की कोशिशों को नाकाम करने के लिए किए गए सुरक्षा उपायों की विस्तृत जानकारी दी।

उन्होंने कहा, “पाकिस्तानी एजेंसियाँ ​​​​आतंकवादी गतिविधियों के वित्तपोषण के लिए एलओसी के पार नशीले पदार्थों व हथियारों की तस्करी और नकदी के परिवहन में लिप्त हैं। इस तरह की कई खेपों को जम्मू-कश्मीर पुलिस और क्षेत्र में तैनात सुरक्षाबलों ने बाधित किया है।”

उन्होंने नशीले पदार्थों, हथियारों व अन्य आपराधिक गतिविधियों हेतु परिवहन पर रोक लगाने के लिए मुगल रोड और राष्ट्रीय राजमार्ग पर नाका बिंदुओं को सशक्त करने पर बल दिया।

डीजीपी ने अपराधियों व आतंकवादियों और अन्य संदिग्ध तत्वों की आवाजाही की जाँच करने के लिए अभियान तेज करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से सीमावर्ती गाँवों में पुलिस-जनसभा नियमित रूप से की जानी चाहिए।