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पाकिस्तान ने फिर लिया तालिबान का पक्ष, इमरान खान बोले- “अमेरिका दे मान्यता”

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने शनिवार (18 सितंबर) को एक बार फिर तालिबान का पक्ष लिया। उन्होंने कहा, “यदि अमेरिका तालिबान से वार्ता नहीं करता और उसे मान्यता नहीं देता है तो अफगानिस्तान में समस्याएँ बढ़ सकती हैं।”

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, इमरान खान ने एक साक्षात्कार में कहा, “जिस तरह से कहा जा रहा है कि पाकिस्तान ने तालिबान को जीतने में मदद की तो इसका अर्थ है कि हम अमेरिका और पूरे यूरोपीय देशों से अधिक सशक्त हैं। अफगानिस्तानी बाहरी ताकतों के विरुद्ध युद्ध को जिहाद मानते हैं और तालिबान ने गत 20 वर्षों में बहुत कुछ सीखा है।”

उन्होंने कहा, “काबुल में सत्ता पर तालिबान के नियंत्रण से एक नई वास्तविकता स्थापित हुई है। अब यह सुनिश्चित करना अंतरराष्ट्रीय समुदाय का सामूहिक हित है कि कोई नया संघर्ष ना हो और युद्ध प्रभावित देश में सुरक्षा स्थिति स्थिर रहे।”

इससे पहले, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने कल यह भी कहा था कि अफगानिस्तान को बाहर से नियंत्रित नहीं किया जा सकता और इस्लामाबाद युद्ध प्रभावित पड़ोसी देश का सहयोग जारी रखेगा।

बता दें कि बुधवार को इमरान खान ने कहा था कि आतंकवाद के विरुद्ध अमेरिकी युद्ध पाकिस्तान के लिए विनाशकारी था। उसने अफगानिस्तान में अपनी 20 वर्ष की उपस्थिति के दौरान पाकिस्तान को किराए की बंदूक की तरह उपयोग किया था। हम किराए की बंदूक की तरह थे।