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हवाई अड्डों के विकास हेतु ₹90 हजार करोड़ से अधिक का निवेश- राज्यसभा में केंद्र

भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) ने आगामी 5 वर्षों में लगभग 25,000 करोड़ रुपये के अनुमानित पूंजी व्यय के साथ नए और मौजूदा हवाई अड्डों का विकास शुरू किया है। यह जानकारी नागरिक उड्डयन मंत्रालय में राज्यमंत्री जनरल वीके सिंह ने सोमवार (14 मार्च) को राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।

उन्होंने बताया कि इस खर्च में नए टर्मिनलों का निर्माण, वर्तमान टर्मिनलों का विस्तार व संशोधन, वर्तमान रनवे, कपड़े, एयरपोर्ट नेविगेशन सर्विसेज (एएनएस) इंफ्रास्ट्रक्चर, कंट्रोल टावर, तकनीकी ब्लॉक आदि का विस्तार और मजबूती सम्मिलित है।

इसके अतिरिक्त, दिल्ली, हैदराबाद और बेंगलुरु में सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) वाले हवाईअड्डे 2025 तक लगभग 30,000 करोड़ रुपये की बड़ी विस्तार परियोजनाओं पर काम कर रहे हैं।

वहीं, पीपीपी मोड के तहत देश भर में नए ग्रीनफील्ड हवाई अड्डों के विकास में निवेश के लिए 36,000 करोड़ रुपये की योजना बनाई गई है।

यह गौर किया जाना चाहिए कि केंद्र सरकार ने देश भर में 21 ग्रीनफील्ड हवाई अड्डों की स्थापना के लिए सैद्धांतिक अनुमोदन प्रदान किया है।

अब तक आठ ग्रीनफील्ड हवाईअड्डे यानी महाराष्ट्र में सिंधुदुर्ग व शिरडी, पश्चिम बंगाल में दुर्गापुर, सिक्किम में पकयोंग, केरल में कन्नूर, आंध्र प्रदेश में ओर्वाकल, कर्नाटक में कलबुर्गी और उत्तर प्रदेश में कुशीनगर का संचालन किया जा चुका है।