समाचार
जनवरी-22 में राष्ट्रीय राजमार्गों पर फास्टैग से ₹26,600 करोड़ से अधिक टोल संग्रह- केंद्र

सरकार ने बुधवार (9 फरवरी) को संसद को जानकारी दी कि जनवरी के अंत तक देश में 4.59 करोड़ से अधिक फास्टैग जारी किए जा चुके हैं और वित्त वर्ष-22 में जनवरी तक इसके माध्यम से कुल टोल संग्रह 26,600 करोड़ रुपये से अधिक हुआ है।

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में जानकारी दी, “31 जनवरी 2022 तक 4.59 करोड़ से ज्यादा फास्टैग जारी किए जा चुके हैं।”

उन्होंने आगे बताया कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर इसके माध्यम से उपयोगकर्ता शुल्क संग्रह वित्त वर्ष 2020 में 10728.52 रुपये, वित्त वर्ष 2021 में 20837.08 करोड़ और वित्त वर्ष 2022 में 26622.93 करोड़ रुपये (जनवरी तक) रहा।

मंत्री ने कहा, “5 फरवरी 2022 तक लगभग 12.5 लाख रिफंड मामलों में जनवरी 2020 से फास्टैग उपयोगकर्ताओं को गलत कटौती के लिए सुविधा प्रदान की गई है।”

उन्होंने कहा, “फास्टैग कार्यक्रम के तहत संबंधित जारीकर्ता बैंक द्वारा जाँच और सत्यापन के बाद रिफंड की प्रक्रिया की जाती है, जो हितधारकों द्वारा प्रदान किए गए साक्ष्य या सहायक विवरण के आधार पर होता है जैसे शुल्क प्लाजा ऑपरेटरों-रियायत, अधिग्रहणकर्ता बैंक, सिस्टम इंटीग्रेटर आदि।

इसके अतिरिक्त, उपयोगकर्ता शुल्क प्लाज़ा पर फास्टैग के माध्यम से किसी भी गलत कटौती की घटना को कम करने या समाप्त करने के लिए समय-समय पर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा विभिन्न उपाय किए गए हैं।