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पूर्वोत्तर रेलवे के 75% से अधिक मार्गों का विद्युतीकरण, वर्ष के अंत तक होगा 100%

रेल मंत्रालय ने मंगलवार (4 जनवरी) को कहा कि पूर्वोत्तर रेलवे (एनईआर) के 75 प्रतिशत से अधिक मार्गों का विद्युतीकरण हो चुका है और वर्ष 2022 के अंत तक एनईआर मार्गों पर 100 प्रतिशत विद्युतीकरण होने की संभावना है।

मंत्रालय ने आगे कहा कि एनईआर के मुख्य मार्गों के विद्युतीकरण के पश्चात हाई स्पीड डीजल (एचएसडी) पर खर्च में काफी कमी आई है, जिससे 361 करोड़ रुपये की बचत हुई है।

आगे कहा गया, “सीयूएफ (क्षमता उपयोग कारक) आधारित सौर निगरानी प्रणाली लागू की गई है, जिसके परिणामस्वरूप गत वर्ष की इसी अवधि की तुलना में इस वर्ष 26 प्रतिशत अधिक सौर ऊर्जा उत्पादित हुई। इसकी स्थापित क्षमता 4.72 मेगावॉट पीक है।”

मंत्रालय ने कहा कि कुल 31 जोड़ी ट्रेनें जो पूर्वोत्तर रेलवे से निकलती हैं या समाप्त होती हैं, हेड ऑन जनरेशन (एचओजी) सिस्टम पर चल रही हैं।

मंत्रालय ने बताया कि एनईआर ने औंरिहार-गाजीपुर सिटी (40 किमी) और सीतापुर-परसेंडी (16.8 किमी) मार्गों सहित 101 किमी मार्गों के दोहरीकरण और विद्युतीकरण को चालू कर दिया गया। इसके अतिरिक्त, गत वर्ष 406 किलोमीटर मार्गों का विद्युतीकरण भी शुरू किया गया।