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213.64 गीगावॉट अक्षय ऊर्जा क्षमता स्थापित या कार्यान्वयन के चरणों में- राज्यसभा में केंद्र

केंद्र सरकार ने मंगलवार (30 नवंबर) को कहा कि कुल 213.64 गीगावॉट अक्षय ऊर्जा क्षमता स्थापित की गई है या कार्यान्वयन के विभिन्न चरणों में है।

संसद को बताया गया कि भारत में अब तक बड़ी जल विद्युत परियोजनाओं सहित कुल 150 गीगावॉट अक्षय ऊर्जा क्षमता स्थापित की जा चुकी है।

इसके अतिरिक्त, 63.64 गीगावॉट क्षमता की अक्षय ऊर्जा परियोजनाएँ कार्यान्वयन के विभिन्न चरणों में हैं और 32.06 गीगावॉट क्षमता बोली के विभिन्न चरणों में हैं।

राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह ने कहा, “वर्तमान में केंद्र सरकार ने वर्ष 2022 तक 175 गीगावॉट अक्षय ऊर्जा क्षमता प्राप्त करने का लक्ष्य रखा है।”

मंत्री ने कहा, “देश में अब तक कुल 150 गीगावॉट अक्षय ऊर्जा क्षमता (बड़े जलविद्युत सहित) स्थापित की गई है। इसके अतिरिक्त, 63.64 गीगावॉट क्षमता की परियोजनाएँ कार्यान्वयन के विभिन्न चरणों में हैं और 32.06 गीगावॉट क्षमता बोली के विभिन्न चरणों में है। इस वजह से कुल 245.70 गीगावॉट क्षमता स्थापित की गई है या कार्यान्वयन व बोली के विभिन्न चरणों में है।”

उन्होंने आगे बताया कि सरकार ने देश में इस ऊर्जा के स्रोतों को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए हैं।

इनमें स्वचालित मार्ग के तहत 100 प्रतिशत तक प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की अनुमति देना, 30 जून 2025 तक चालू होने वाली परियोजनाओं के लिए सौर और पवन ऊर्जा की अंतर-राज्यीय बिक्री के लिए अंतर-राज्यीय पारेषण प्रणाली (आईएसटीएस) शुल्क में छूट और ई पारेषण लाइनें बिछाना व अक्षय ऊर्जा की निकासी के लिए नई सब-स्टेशन क्षमता का निर्माण सम्मिलित है।