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नोवावैक्स इंक की वैक्सीन को 12-17 वर्ष के बच्चों के आपातकालीन उपयोग की अनुमति

नोवावैक्स इंक की कोविड-19 वैक्सीन को भारतीय औषधि महानियंत्रक (डीसीजीआई) से 12 से 17 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए आपातकालीन उपयोग की अनुमति मिल गई है।

वैक्सीन भारत में सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) द्वारा कोवैक्स ब्रांड नाम के तहत बनाई और बेची जाती है।

रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, नोवावैक्स इंक की वैक्सीन के अंतिम चरण के परीक्षण में 12 से 17 आयु वर्ग के 2247 किशोरों को सम्मिलित किया गया था, जो कि कोविड-19 के विरुद्ध 80 प्रतिशत प्रभावी साबित हुई।

वैक्सीन की खुराक ने एक देर से चरण के अध्ययन में उसी आयु वर्ग में प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया पैदा की है, जिसमें 460 भारतीय किशोर सम्मिलित थे।

अब तक बायोलॉजिकल ई की कॉर्बेवैक्स, भारत बायोटेक की कोवैक्सीन और ज़ायडस कैडिला की ज़ीकोव-डी को 12 वर्ष और उससे अधिक उम्र के किशोरों के लिए अधिकृत होने हेतु डीसीजीआई की स्वीकृति मिली है।

अभी गत सप्ताह ही देश में 12-14 वर्ष के बच्चों को कॉर्बेवैक्स वैक्सीन लगनी शुरू हुई। इससे पहले, खुराक केवल 15 वर्ष और उससे अधिक उम्र के बच्चों को दी जा रही थी।

एसआईआई द्वारा निर्मित कोवैक्स ने दिसंबर 2021 में डीसीजीआई को वयस्कों के लिए अधिकृत होने की अनुमति प्राप्त की थी।

फरवरी में भारत ने 175 करोड़ वैक्सीन खुराक लगाने का कीर्तिमान हासिल किया था। टीकाकरण अभियान का अब देश के छोटे बच्चों तक विस्तार किया जा रहा है।