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हादसे में एयरबैग काम नहीं करता तो कंपनी को हर्जाना चुकाना होगा- सर्वोच्च न्यायालय

सर्वोच्च न्यायालय ने एयरबैग को लेकर अपने आदेश में कहा कि यदि किसी हादसे में ये काम नहीं करते हैं तो इसके लिए कंपनी को हर्जाना चुकाना होगा।

टीवी-9 भारतवर्ष की रिपोर्ट के अनुसार, सर्वोच्च न्यायालय ने एक मामले में कार निर्माता हुंडई से कहा कि वह हादसे में होने वाले नुकसान के लिए शैलेंद्र भटनागर को तीन लाख रुपये का जुर्माना चुकाए। हादसा 2017 में हुआ था और शैलेंद्र ने 2015 में हुंडई कार क्रेटा खरीदी थी।

भटनागर ने उपभोक्ता फोरम में एक याचिका दाखिल की थी और कहा था कि क्रेटा की सुरक्षा विशेषता को ध्यान में रखते हुए उन्होंने कार खरीदी थी। हालाँकि, हादसे के दौरान एयरबैग ने काम नहीं किया और उन्हें गंभीर चोटें आई थीं।

उपभोक्ता फोरम के आदेश के बाद यह मामला सर्वोच्च न्यायालय पहुँचा था। मामले की सुनवाई न्यायाधीश विनीत सरण और न्यायाधीश अनिरुद्ध बोस की पीठ कर रही थी। पीठ ने कार कंपनी को गाड़ी बदलकर देने का भी आदेश दिया।

कंपनी की तरफ से सुनवाई के दौरान कहा गया कि एयरबैग तब काम नहीं करता है, जब तक आगे से ठोकर ना लगे। इस पर न्यायालय ने कहा कि उपभोक्ता भौतिक विज्ञान का विशेषज्ञ नहीं होता है, जो किसी हादसे के वक्त वेग और ताकत का हिसाब करे। उपभोक्ता फोरम ने भी भटनागर के पक्ष में निर्णय सुनाया था, जिसे हुंडई ने सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी थी।

बता दें कि केंद्र सरकार ने कार में 1 जनवरी 2022 से सह यात्री के एयरबैग को भी आवश्यक कर दिया है।