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आरटी-पीसीआर व रैपिड एंटीजन से नहीं बचता ओमिक्रॉन, परीक्षण बढ़ाने की सलाह

केंद्र ने मंगलवार को डब्ल्यूएचओ द्वारा बताए गए नए कोविड-19 के प्रकार ओमिक्रॉन को देखते हुए राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के साथ सार्वजनिक स्वास्थ्य तैयारियों की समीक्षा की।

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों को नए कोविड-19 मामलों की शीघ्र पहचान के साथ टीकाकरण की गति बढ़ाने हेतु परीक्षण में तेज़ी लाने की सलाह दी गई।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने जानकारी दी कि बैठक में नीति आयोग के सदस्य डॉ वीके पॉल, आईसीएमआर के डीजी डॉ बलराम भार्गव, एनसीडीसी के निदेशक सुजीत सिंह, राज्य के स्वास्थ्य सचिव, विदेश मंत्रालय के प्रतिनिधि, राज्य हवाई अड्डे के सार्वजनिक स्वास्थ्य अधिकारी और राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के अन्य अधिकारी सम्मिलित हुए।

राजेश भूषण ने दोहराया कि स्वास्थ्य मंत्रालय के संशोधित दिशा-निर्देशों व सलाह को राज्यों संग साझा किया गया है। वे अपने विभिन्न हवाई अड्डों, बंदरगाहों व भूमि सीमा पार से देश में आने वाले अंतर-राष्ट्रीय यात्रियों पर कड़ी निगरानी रखें।

राज्यों को पहले दिन खतरे वाले देशों से आने वाले अंतर-राष्ट्रीय यात्रियों के नमूनों का परीक्षण और 8वें दिन पुनः परीक्षण करने की आवश्यकता है। जीनोम अनुक्रमण के लिए सभी सकारात्मक नमूने इंसाकॉग लैब्स को तत्काल भेजे जाने चाहिए।

केंद्र ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को परीक्षण के इंफ्रास्ट्रक्चर को सशक्त बनाने और परीक्षण दिशा-निर्देशों को सख्ती से लागू करने की सलाह दी। राज्यों को आरटी-पीसीआर अनुपात बनाए रखते हुए प्रत्येक जिले में पर्याप्त परीक्षण सुनिश्चित करने को भी कहा।

मंत्रालय ने कहा कि आईसीएमआर के डीजी भार्गव ने बताया कि ओमिक्रॉन आरटीपीसीआर और रैपिड एंटीजन टेस्ट से नहीं बचता और राज्यों को सलाह दी है कि वे किसी भी मामले की शीघ्र पहचान के लिए परीक्षण तेज करें।