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ओला ने देश में बने लिथियम-आयन सेल की घोषणा की, बड़े पैमाने पर उत्पादन 2023 तक

ओला इलेक्ट्रिक के संस्थापक और सीईओ भाविश अग्रवाल ने सोमवार (11 जुलाई) को कंपनी के पहले स्वदेशी लिथियम-आयन (ली-आयन) सेल की घोषणा की।

भाविश अग्रवाल ने ट्वीट किया, “हमारा पहला स्वदेशी रूप से निर्मित ली-आयन सेल! सेल ईवी क्रांति का दिल है। तेजी से स्तर बढ़ाने और नवाचार के लिए हमें अपनी खुद की तकनीक बनाने की आवश्यकता है। हमारे सेल प्रौद्योगिकी रोडमैप की पंक्ति में और भी बहुत कुछ है!”

इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, अत्याधुनिक हाई निकेल बेलनाकार ओला सेल (एनएस:सेल) कैथोड साइड पर एनएमसी का उपयोग करता है और एनोड की तरफ ग्रेफाइट और सिलिकॉन का उपयोग होता है।

सेल से ली-आयन बैटरी के आयात पर कंपनी की निर्भरता कम होने की संभावना है।

कंपनी कथित तौर पर 2023 तक अपनी आगामी गीगाफैक्ट्री से अपने सेल का बड़े पैमाने पर उत्पादन शुरू कर देगी।

आईएएनएस ने भाविश अग्रवाल के हवाले से कहा, “एक सेल ईवी क्रांति का दिल है। ओला दुनिया के सबसे उन्नत सेल अनुसंधान केंद्र का निर्माण कर रही है जो हमें तेजी से स्केल व नवाचार करने और दुनिया में सबसे उन्नत और किफायती ईवी उत्पादों को गति के साथ बनाने में सक्षम बनाएगी।”

उन्होंने कहा, “हमारी स्वदेशी रूप से निर्मित ली-आयन सेल भी हमारे प्रौद्योगिकी रोडमैप में कई में से पहली है। भारत के लिए वैश्विक ईवी हब बनने के लिए एक मजबूत स्थानीय ईवी पारिस्थितिकी तंत्र होना महत्वपूर्ण है।”

ओला इलेक्ट्रिक को हाल ही में भारत में उन्नत बैटरी सेल विकसित करने के लिए केंद्र द्वारा उन्नत रसायन सेल पीएलआई योजना के तहत 20 गीगावॉट प्रति घंटा (जीडब्ल्यूएच) क्षमता आवंटित की गई थी।