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चार धाम की यात्रा पर सबका जाना संभव, न्यायालय ने सीमित संख्या का प्रतिबंध हटाया

चार धाम की यात्रा में सीमित संख्या में श्रद्धालुओं को प्रवेश दिए जाने के उच्च न्यायालय के निर्णय में संशोधन के बाद अब केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम कोई भी भक्त जा सकता है। न्यायालय ने तीर्थ यात्रियों की सीमित संख्या से प्रतिबंध हटाकर उसे असीमित कर दिया है। हालाँकि, पोर्टल पर पंजीकरण और यात्रा में आरटीपीसीआर रिपोर्ट अनिवार्य होगी।

न्यूज़-18 की रिपोर्ट के अनुसार, उच्च न्यायालय ने अपने आदेश में उत्तराखंड सरकार को यह भी आदेश दिया कि सभी तीर्थ यात्रियों के लिए चिकित्सा संबंधी व्यवस्थाएँ पर्याप्त व तत्काल होनी चाहिए। चार धाम में चिकित्सा सुविधा के लिए हेलीकॉप्टर भी तैयार रखे जाने चाहिए।

तीन सप्ताह पूर्व उच्च न्यायालय ने चार धाम यात्रा को सशर्त स्वीकृति देते हुए केदारनाथ में 800, बद्रीनाथ में 1000, गंगोत्री में 600 और यमुनोत्री में 400 श्रद्धालुओं को ही एक दिन में दर्शन की अनु​मति दी थी। इसके उपरांत बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुँच रहे थे, जिन्हें प्रशासन द्वारा रोका या वापस किया जा रहा था। ऐसे में सरकार ने श्रद्धालुओं की सीमित संख्या को बढ़ाने का अनुरोध किया था।

सरकार ने अपने प्रार्थना पत्र में कहा कि अब तक 1 भी यात्री कोरोना से संक्रमित नहीं आया और अब सरकार की मंशा 1 मिनट में 3 यात्रियों को दर्शन करने के बजाए 1 मिनट में 5 यात्रियों को दर्शन कराने की है।