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नोवावैक्स ने अपनी वैक्सीन के आपातकालीन उपयोग की डीसीजीआई से मांगी अनुमति

अमेरिका आधारित नोवावैक्स ने गुरुवार (5 अगस्त) को कहा कि उसने अपने साथी सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) के साथ मिलकर भारत में कोविड-19 वैक्सीन के आपातकालीन उपयोग की अनुमति देने के लिए भारतीय औषधि महानियंत्रक (डीसीजीआई) से नियामक अनुमोदन के लिए आवेदन किया।

नोवावैक्स ने दुनिया के सबसे बड़े वैक्सीन उत्पादक पुणे स्थित एसआईआई के साथ एक वैक्सीन निर्माण समझौते पर हस्ताक्षर किए। भारत के अलावा, नोवावैक्स ने इंडोनेशिया और फिलीपींस को अपनी कोविड-19 वैक्सीन के आपातकालीन उपयोग की अनुमति देने के लिए कहा है, जिसे कोवोवैक्स कहा जाता है।

नोवावैक्स के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी स्टेनली सी एर्क ने कहा, “महामारी को नियंत्रित करने की तत्काल आवश्यकता वाले देशों के लिए एक सुरक्षित और प्रभावी वैक्सीन की लाखों खुराक तक पहुँच की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम एसआईआई के साथ हमारी रणनीतिक साझेदारी के माध्यम से संभव हो पाया है। यह वैश्विक सहयोग की शक्ति को प्रदर्शित करता है।”

एसआईआई और नोवावैक्स ने वैक्सीन की समीक्षा शुरू करने के लिए भारत, इंडोनेशिया और फिलीपींस में नियामक एजेंसियों द्वारा आवश्यक सभी मॉड्यूल प्रस्तुत करने का कार्य पूरा कर लिया है। इसमें प्रीक्लीनिकल, क्लीनिकल व केमिस्ट्री, मैन्युफैक्चरिंग और कंट्रोल डाटा सम्मिलित हैं। कंपनी ने एक बयान में कहा कि मई 2021 में डीसीजीआई ने एसआईआई के अच्छे विनिर्माण अभ्यास की संयुक्त जगह का निरीक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया था।

लाइवमिंट की रिपोर्ट के अनुसार, जून में नोवावैक्स ने घोषणा की थी कि अमेरिका और मैक्सिको में करीब 30,000 लोगों के एक अध्ययन में यह टीका कोविड-19 के खिलाफ करीब 90 प्रतिशत प्रभावी साबित हुआ। यह उस समय उन देशों में प्रसारित होने वाले संक्रमण के प्रकार के विरुद्ध भी काम करता था। इसके दुष्प्रभाव भी अधिकतर हल्के थे।